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महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन हक्क संगठन के नेतृत्व में 31 अक्टूबर को शिक्षकों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।
महाराष्ट्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2005 को अधिसूचना जारी कर 1 नवंबर 2005 से पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी थी।
कर्मचारियों ने डीसीपीएस और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग की।
Wardha Black Day Protest: महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन हक्क संगठन की ओर से शनिवार, 31 अक्टूबर को शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कामकाज किया और पुरानी पेंशन योजना बंद किए जाने के विरोध में काला दिवस मनाया। इस दौरान शासन के निर्णय के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की गई।
महाराष्ट्र शासन ने 31 अक्टूबर 2005 को अधिसूचना जारी कर 1 नवंबर 2005 से राज्य के शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी थी। इसके स्थान पर पहले डीसीपीएस और बाद में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) लागू की गई।
इस निर्णय को 21 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संगठन की ओर से विरोध दिवस मनाया गया। इसी क्रम में कारंजा स्थित स्थानीय मॉडल हाईस्कूल एवं कनिष्ठ महाविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों ने 31 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर अपने नियमित कार्यों का निर्वहन किया।
उन्होंने शासन के निर्णय के प्रति विरोध दर्ज कराया और पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग उठाई पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर राज्य के शिक्षक और कर्मचारी लगातार आवाज उठा रहे है। इसी मांग के समर्थन में काली पट्टी बांधकर शासन के निर्णय का निषेध किया गया।
महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन संगठन के नेतृत्व में शनिवार, 31 अक्टूबर को पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। इस दौरान निषेध दिवस मनाते हुए शासन की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
आंदोलन में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इस आंदोलन में प्रफुल कांबले, प्रमोद खोडे, आशिष बोटरे, सचिन शंभरकर, रितेश निमसडे, मंगेश भोमले, विनोद वाडीभस्मे, अश्विनी वानखेडे, सीमा खेडकर, अश्विनी इंगोले, गजानन भोंग, धनंजय कापसे, मनोज पालीवाल, समीर वाघमारे, धीरज चंदेल, नितीन खराबे, तुषार शिंदे सहित अनेक कर्मवारी शामिल हुए।