संभाजीनगर: समान वेतन पर न्यायिक कर्मचारी लामबंद, काली पट्टी बांधकर काम किया, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

Chatrapati Sambhajinagar Judiciary Staff Salary Protest: महाराष्ट्र के न्यायिक कर्मचारी संशोधित वेतनमान की मांग पर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं।मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
Chatrapati Sambhajinagar Ambadas Danve farmer financial aid criticism
छत्रपति संभाजीनगर ज्यूडिशियरी स्टाफ सैलरी प्रोटेस्टसोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • छत्रपति संभाजीनगर, अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारी संशोधित वेतनमान की मांग पर आंदोलनरत।

  • 16 और 17 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर काम करने का कार्यक्रम।

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने 30 जनवरी 2025 को राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था।

  • मांगें पूरी नहीं होने पर दिवाली नहीं मनाने की चेतावनी।

  • 5 नवंबर को सामूहिक अवकाश और 17 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी।

Chatrapati Sambhajinagar Ambadas Danve Farmer Financial Aid Criticism: छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र में अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारी उच्च न्यायालय के कर्मचारियों की तर्ज पर संशोधित वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 16 और 17 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया गया है। मांगें पूरी नहीं होने पर दिवाली नहीं मनाने, 5 नवंबर को सामूहिक अवकाश और 17 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारी संशोधित वेतनमान की मांग पर आंदोलन

छत्रपति संभाजीनगर में समान वेतन की मांग को लेकर महाराष्ट्र के न्यायिक कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। उच्च न्यायालय के कर्मचारियों की तर्ज पर अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मियों को संशोधित वेतनमान देने की मांग पर कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे दिवाली नहीं मनाएंगे। इसके बाद सामूहिक अवकाश और अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है।

काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र के जिला एवं सत्र न्यायालयों तथा तहसील न्यायालयों के कर्मचारी संशोधित वेतनमान की मांग को लेकर आंदोलन के दूसरे चरण में उतर गए हैं। 16 अक्टूबर को कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। यह विरोध 17 अक्टूबर को भी जारी रखने की घोषणा की गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि अधीनस्थ न्यायालयों में काम करने वाले कर्मियों को भी उच्च न्यायालय के कर्मचारियों की तर्ज पर संशोधित वेतनमान मिलना चाहिए। वे समान काम और समान वेतन के सिद्धांत के आधार पर इस मांग पर निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।

20 महीने से लंबित है प्रस्ताव

कर्मचारी संगठन के अनुसार, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने संशोधित वेतनमान लागू करने का प्रस्ताव 30 जनवरी 2025 को राज्य सरकार के पास भेजा था। कर्मचारियों का दावा है कि करीब 20 महीने बीतने के बाद भी इस पर निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

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दिवाली नहीं मनाने की चेतावनी

आंदोलनरत कर्मचारियों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो वे इस वर्ष दिवाली नहीं मनाएंगे। इसके अलावा 5 नवंबर को सामूहिक अवकाश लेने और 17 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष विजयकुमार दांडगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन भेजकर वेतन संशोधन के प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।

5,000 रुपये में कैसे मनेगी किसान की दिवाली? अंबादास दानवे का सवाल

छत्रपति संभाजीनगर। दिवाली से पहले किसानों के खातों में 5,000 रुपये की सहायता जमा करने के सरकार के फैसले पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक अंबादास दानवे ने सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने पूछा कि इतनी राशि में किसान दिवाली का पूरा खर्च कैसे उठा पाएंगे।

दानवे ने मंत्रियों को चुनौती दी कि वे 5,000 रुपये में दिवाली का पूरा सामान खरीदकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई मंत्री ऐसा कर पाता है तो वे उसे अपनी ओर से 1,000 रुपये का अतिरिक्त इनाम देंगे।

किराना, कपड़े और मिठाई का खर्च उठाने पर सवाल

अंबादास दानवे ने अपनी चुनौती में घर का किराना, बच्चों के कपड़े, मरम्मत और रंगाई-पुताई, एक किलो मिठाई, दीपक जलाने के लिए एक लीटर तेल, पटाखे, बहन के लिए उपहार और पत्नी के लिए साड़ी खरीदने जैसी जरूरतों का उल्लेख किया।

उनकी टिप्पणी के जरिए किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि की पर्याप्तता पर सवाल उठाए गए हैं। यह बयान सरकार की सहायता योजना को लेकर राजनीतिक बहस के बीच आया है।

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