Wardha Cyber Mule Fraud: वर्धा जिले में साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के पांच मामले सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। अब तक 12 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और साइबर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
वर्धा, साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। अब ठगी की रकम को छिपाने और अलग-अलग खातों में पहुंचाने के लिए म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं।
म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर संदिग्ध या अवैध रकम को जमा करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। वर्धा जिले में पिछले कुछ महीनों में ऐसे पांच गंभीर मामले सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है।
इन पांच प्रकरणों में साइबर पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें वर्धा और नागपुर जिले से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में जमा कर बाद में दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
हाल ही में वर्धा निवासी नवीन आहुजा और आशीष दुब्बानी को साइबर पुलिस ने हिरासत में लिया था। फिलहाल दोनों जमानत पर बाहर हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित रूप से तीन महिलाओं के नाम पर म्यूल खाते खुलवाए थे। इन महिलाओं को बैंक से कर्ज दिलाने का झांसा दिया गया था। पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में रुपयों का लालच देकर भी बैंक खाते खुलवाए गए।
कुछ प्रकरणों में परिचित लोगों को विश्वास में लेकर कुछ दिनों के लिए उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद आरोपियों द्वारा इन खातों में ठगी की रकम जमा कराकर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है।
वर्धा जिले में सामने आए पांच मामलों में म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद साइबर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब खातों में हुए लेनदेन, रकम के स्रोत और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति को बैंक खाता, एटीएम कार्ड, OTP, SIM कार्ड या आर्थिक लेनदेन से जुड़ी जानकारी न दें। किसी अन्य व्यक्ति को अपने बैंक खाते से लेनदेन करने की अनुमति भी न दें।
कर्ज दिलाने के नाम पर खाते खुलवाने या कमीशन का लालच देने वालों से भी सावधान रहने की अपील की गई है। किसी तरह की साइबर ठगी या संदेह होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा नजदीकी साइबर पुलिस थाने से संपर्क करने को कहा गया है।