MahaDBT 2.0 Portal Update Wardha: वर्धा जिले के हजारों विद्यार्थियों के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 समाप्त हो चुका है और कॉलेज की परीक्षाएं भी लगभग पूरी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले के 2,235 विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) के आवेदन अभी भी कॉलेज स्तर पर पेंडिंग पड़े हुए हैं। संकट तब और बढ़ गया जब तकनीकी सुधार के नाम पर महाडीबीटी पोर्टल को 'महाडीबीटी 2.0' में अपडेट करना शुरू किया गया।
इस अपग्रेडेशन के चलते पिछले 8 से 15 दिनों से छात्रवृत्ति से जुड़ी संपूर्ण ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह ठप है। परिणामवश, जून के अंतिम सप्ताह से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से ठीक पहले विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति से वंचित रहने की गंभीर संभावना व्यक्त की जा रही है।
वर्धा जिले में सहायक संचालक, अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग की ओर से ओबीसी (OBC), वीजेएनटी (VJNT) व एसबीसी (SBC) तथा सहायक आयुक्त, समाज कल्याण विभाग की ओर से एससी (SC) प्रवर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने की संपूर्ण जिम्मेदारी संभाली जाती है। इस प्रक्रिया में आवेदनों की स्क्रूटनी से लेकर त्रुटियों को दूर करना और सीधे बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करना शामिल है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में अकेले ओबीसी, वीजेएनटी व एसबीसी प्रवर्ग के छात्रों द्वारा कुल 22,859 आवेदन किए गए थे। इनमें से एक बड़ा हिस्सा मंजूर तो हो चुका है, लेकिन कॉलेज स्तर की लापरवाही और पोर्टल के बंद होने से 2,235 आवेदन बीच में ही अटक गए हैं।
यदि पिछले साल यानी शैक्षणिक वर्ष 2024-25 की बात करें, तो जिले के विद्यार्थियों के लिए कुल 26 करोड़ 92 लाख 29 हजार 108 रुपये की भारी-भरकम छात्रवृत्ति मंजूर की गई थी। इसमें ओबीसी, एसबीसी, वीजेएनटी प्रवर्ग के 24,044 छात्र और एससी प्रवर्ग के 7,204 छात्रों का समावेश था, जिन्हें जून महीने की शुरुआत में ही पहले चरण का वितरण कर दिया गया था।
लेकिन इस साल, 1 जून 2026 से महाडीबीटी पोर्टल का काम पूरी तरह बंद कर इसका अपग्रेडेशन शुरू कर दिया गया है। पोर्टल डाउन होने के कारण स्थानीय समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पास वर्तमान में कोई लाइव डेटा उपलब्ध नहीं है। अधिकारी इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं कि अब तक कितने विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति की रकम असल में जमा हो पाई है।
यह भी पढ़ें:- नागपुर में नए डीसीपी दीपक अग्रवाल का ‘एक्शन प्लान’; क्राइम ब्रांच ने 5 दिन में की 31 बड़ी कार्रवाइयां
नया शैक्षणिक वर्ष 2026-27 जून महीने के अंतिम सप्ताह में आरंभ होने जा रहा है। नए सत्र में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को पैसों की सख्त जरूरत है, विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए यह छात्रवृत्ति ही एकमात्र सहारा होती है।
डिजिटल सिस्टम को एडवांस बनाने की टाइमिंग पर अब सवाल उठ रहे हैं कि जब सत्र का अंत था और पैसा ट्रांसफर होना था, तब पोर्टल को बंद क्यों किया गया। छात्रों और पालक संगठनों ने मांग की है कि कॉलेज स्तर पर पेंडिंग पड़े 2,235 आवेदनों को ऑफलाइन या विशेष विंडो खोलकर तुरंत क्लियर किया जाए, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान न हो।