समुद्रपुर में बाघिन का रेस्क्यू,10 गांवों की दहशत खत्म सोर्स: फोटो नवभारत
वर्धा

10 गांवों में फैली दहशत का अंत! वर्धा के समुद्रपुर में भटक रही बाघिन को रेस्क्यू टीम ने डार्ट मारकर किया बेहोश

Wardha Samudrapur Tiger Rescued Safely वर्धा के समुद्रपुर के करूर-पवनगांव परिसर में घूम रही बाघिन को वन विभाग ने डार्ट मारकर रेस्क्यू किया। बाघिन को नागपुर TTC भेजा गया है।

मनीषा बोंदरे

Wardha Tiger Rescue Forest Department Nagpur TTC: वर्धा के समुद्रपुर वनपरिक्षेत्र के करूर-पवनगांव परिसर में पिछले कुछ दिनों से घूम रही बाघिन को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। डार्ट से बेहोश करने के बाद उसे सुरक्षित पिंजरे में कैद कर नागपुर के ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर भेजा गया है।

रातभर निगरानी के बाद मिली लोकेशन

हिंगनघाट समुद्रपुर वनपरिक्षेत्र के करूर-पवनगांव परिसर में पिछले कुछ दिनों से विचरण कर रही बाघिन को मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ लिया। बाघिन की मौजूदगी से आसपास के करीब 10 गांवों में दहशत का माहौल था। रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली।

बाघिन को पकड़ने के लिए NNTR रेस्क्यू टीम और People for Animals की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया था। वन विभाग के कर्मचारियों ने रात से ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी थी। साथ ही ड्रोन की मदद से भी बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

डार्ट मारकर किया बेहोश

निगरानी के दौरान पवनगांव वन क्षेत्र के सर्वे क्रमांक 57 स्थित रोपवन क्षेत्र में रात के समय बाघिन के विचरण की पुष्टि हुई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 7.30 बजे रेस्क्यू टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे डार्ट मारकर बेहोश किया। इसके बाद बाघिन को सुरक्षित तरीके से पिंजरे में कैद कर लिया गया।

वन विभाग के अनुसार, बाघिन की उम्र करीब ढाई वर्ष है और फिलहाल उसकी हालत स्वस्थ बताई जा रही है।

किसान पर हमले के बाद बढ़ी थी दहशत

पवनगांव (करूल) परिसर में बाघिन की लगातार मौजूदगी से नागरिकों और किसानों में भय का माहौल था। इससे पहले बाघिन के हमले में किसान विशाल मुन घायल हो गए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक समीर कुणावार ने अस्पताल पहुंचकर घायल किसान से मुलाकात की थी और वन विभाग से नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की थी।

नागपुर TTC में होगा प्राथमिक उपचार

पकड़ी गई बाघिन को नागपुर के ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर (TTC) भेज दिया गया है। यहां उसका प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार, पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद बाघिन को जंगल में सुरक्षित छोड़ने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

यह अभियान वर्धा के उपवनसंरक्षक हरवीरसिंह और सहायक वनसंरक्षक हरिलाल सरोदे के मार्गदर्शन में समुद्रपुर के वनपरिक्षेत्र अधिकारी स्वप्नील ढोणे के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में वन विभाग के कर्मचारियों के साथ डॉ. मेघराज तुलाबी, NNTR रेस्क्यू टीम, पीपल फॉर एनिमल्स वन्यजीव बचाव केंद्र के अभिषेक खेडूलकर और मानद वन्यजीव रक्षक कौस्तुभ गावंडे सहित कई कर्मचारियों ने सहयोग किया।

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