ई-सेवा केंद्र संचालक की हड़ताल (सौजन्य-नवभारत) 
वर्धा

ई-सेवा केंद्रों की हड़ताल से वर्धा में संकट, KYC से लेकर किसान योजना तक सब ठप, नागरिकों के लटके काम

E-Seva Center Strike: लाडली बहन, किसान योजना, जीवन प्रमाणपत्र जैसे कई काम रुक गए। ई-सेवा संचालकों की तीन दिन से चल रही हड़ताल से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रिया जैस

Online Services Disrupted in Wardha: वर्धा में वर्तमान तकनीकी युग में अधिकतर कार्य ऑनलाइन पद्धति से किए जा रहे हैं। चाहे वह शैक्षणिक कार्य हों या शासकीय। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के पंजीकरण और ई-केवाईसी जैसे कार्य भी ऑनलाइन ही किए जाते हैं। इसके लिए प्रशासन ने ई-सेवा केंद्र और आधार सेवा केंद्र शुरू किए हैं।

ये केंद्र आम नागरिकों और लाभार्थियों के लिए काफी सहायक साबित हुए हैं। लेकिन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सेवा केंद्र संचालकों ने 12 से 14 नवंबर तक हड़ताल की घोषणा की है। इस कारण अब विभिन्न कामों के लिए इन केंद्रों पर जाने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ई-सेवा के माध्यम से नागरिकों का समय, श्रम और धन की बचत होती है।

भरण-पोषण का एकमात्र सहारा

इन सेवाओं के संचालन में महा ई-सेवा और आधार सेवा केंद्र संचालकों का शत-प्रतिशत योगदान है। इसके चलते सरकार को भी हर वर्ष लगभग 3 से 4 हजार करोड़ रुपये की बचत होती है। डिजिटल माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगार मिला है और उनके परिवारों का भरण-पोषण इसी पर निर्भर है। फिर भी, अब तक महा ई-सेवा केंद्र और आधार सेवा केंद्र धारकों को सरकार से उपेक्षित व्यवहार मिल रहा है।

शासन इन केंद्र संचालकों को असुरक्षित स्थिति में रखकर 'सांप-नेवले का खेल' खेल रहा है। इस बीच, संगठन ने मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ में रिट याचिका भी दाखिल की है, परंतु शासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। परिणामस्वरूप, केंद्र संचालकों ने 12 से 14 नवंबर तक हड़ताल करने का निर्णय लिया है, जिससे नागरिकों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को काफी नुकसान हो रहा है।

KYC के काम ठप

वर्तमान में लाडली बहन योजना, संजय गांधी निराधार योजना, जीवन प्रमाणपत्र जैसी कई सेवाएं ई-सेवा केंद्रों के माध्यम से की जाती हैं। साधारण केवाईसी कराने के लिए भी लाभार्थी इन केंद्रों पर पहुंचते हैं। लेकिन हड़ताल के कारण अब ये सभी कार्य ठप पड़े हैं।

प्रमुख मांगें क्या हैं?

शासन निर्णय दिनांक 2 जून 2025 तथा मंडल अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी नए आपले सरकार सेवा केंद्रों से संबंधित परिपत्र की जांच कर उसमें संशोधन किया जाए। नए आपले सरकार सेवा केंद्र शुरू न किए जाएं। आधार सेवा केंद्रों का कमीशन तुरंत जारी किया जाए। आधार ऑपरेटरों को ब्लैकलिस्ट न किया जाए।

पुराने आधार मशीनों को बदलकर नई मशीनें उपलब्ध कराई जाएं। अब तक लागू की गई सभी योजनाओं का लंबित कमीशन भुगतान किया जाए। लाडकी बहन, पीक कर्ज, फार्मर आईडी, पीक विमा, और प्रधानमंत्री किसान योजना का कमीशन शीघ्र दिया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया है।

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