Wardha District Planning Committee: वर्धा जिला योजना समिति जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिले में चल रहे सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए कार्यों को तत्काल अमल में लाया जाए, यह निर्देश पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने जिला योजना समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय स्थित जिला नियोजन सभागार में आयोजित बैठक में सांसद अमर काले, विधायक अभिजीत वंजारी, सुधाकर अडबाले, अरुण लखानी, समीर कुणावार, राजेश बकाने, सुमित वानखेडे, जिलाधिकारी वान्मथी सी., पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, उपवन संरक्षक हरवीर सिंह, प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज गोहाड, जिला नियोजन अधिकारी ज्ञानेश्वर खडतकर, जिला योजना समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी वान्मथी सी. ने गत वर्ष तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष के अब तक हुए व्यय की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष कुल 412 करोड़ 70 लाख रुपये व्यय किए गए। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए जिला वार्षिक योजना में कुल 470 करोड़ 4 लाख रुपये का प्रावधान स्वीकृत किया गया है। साथ ही जुलाई माह के अंत तक हुए खर्च का भी ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
पालकमंत्री डॉ. भोयर ने कहा कि अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील रहने का निर्देश दिए, पालकमंत्री ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। वन्यजीवों के हमलों में घायल किसानों के मामलों में प्रशासन को अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने को कहा। संतरा उत्पादक किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट केवल कुछ तालुकों तक सीमित न रखकर संतरा उत्पादक सभी क्षेत्रों को शामिल करने के निर्देश कृषि विभाग को दिए।
कृषि पंपों को नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 63 केवी से 100 केवी क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की स्थापना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से करने को कहा। विधायक समीर कुणावार ने वन्यजीव हमलों में घायल किसानों को मिलने वाले कम मुआवजे का मुद्दा उठाया। विधायक राजेश बकाने ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा देवली-पुलगांव विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न सड़कों की मरम्मत और शिरुड परियोजना के बैकवॉटर की समस्या के समाधान की मांग की।
विधायक सुमित वानखेडे ने वीआर एवं ओडीआर सड़कों तथा बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर होने वाले खर्च का मुद्दा उठाते हुए टेंडर प्रक्रिया समय पर न होने के कारण निधि वापस लौटने की घटनाओं पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की। बैठक में विधायक अभिजीत वंजारी, विधायक सुधाकर अडबाले तथा विधायक अरुण लखानी ने भी जिले से जुड़े विभिन्न विकासात्मक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान पालकमंत्री ने नवस्वीकृत आदर्श विद्यालयों का गुणवत्तापूर्ण विकास करने तथा नगरपालिका विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा अन्य जिलों के आदर्श आंगनवाड़ी मॉडल का अध्ययन कर उसे जिले में लागू करने का सुझाव दिया।
सांसद अमर काले ने ग्रामीण क्षेत्रों की जलापूर्ति योजनाओं में बड़ी संख्या में शिकायतें होने की बात कहते हुए जल जीवन मिशन एवं ग्रामीण पेयजल योजनाओं का ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने महिला अस्पताल के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर शासन स्तर पर प्रयास करने तथा प्रत्येक गांव में श्मशान शेड उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी जताई।