Wardha Unseasonal Rain: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से परेशान वर्धा वासियों को सोमवार दोपहर तूफान और बारिश से मामूली राहत मिली। हालांकि इस बेमौसम बारिश ने किसानों और व्यापारियों के लिए मुश्किलें भी बढ़ा दीं। कृषि उपज मंडी समिति में बिक्री के लिए लाया गया अनाज बारिश में भीग गया, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ है। जिले में अप्रैल माह से ही भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
सोमवार सुबह से ही मौसम में बदलाव महसूस होने लगा था। दोपहर के समय आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। करीब डेढ़ बजे बारिश की पहली फुहार पड़ी। कुछ समय रुकने के बाद दोपहर करीब तीन बजे एक बार फिर तेज बारिश हुई। करीब 15 से 20 मिनट तक हुई बारिश से मौसम में मामूली ठंडक तो आई, लेकिन कई जगह नुकसान भी हुआ।
तेज हवा के कारण सड़क किनारे बिक्री के लिए रखे सामान को नुकसान पहुंचा। अतिक्रमण कर छोटे व्यवसाय करने वाले दुकानदारों को भी नुकसान झेलना पड़ा। कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर वाहनों पर गिर गई, जिससे कुछ वाहनों को भी क्षति पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वर्धा कृषि उपज मंडी समिति में सोमवार को बड़ी मात्रा में गेहूं, तुअर और चना बिक्री के लिए लाया गया था। मंडी परिसर की शेड में व्यापारियों का माल रखा होने के कारण किसानों की उपज खुले में नीलामी के लिए रखी गई थी।
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बारिश शुरू होते ही वर्धा किसानों ने तिरपाल से फसल ढंककर बचाने का प्रयास किया, लेकिन जमीन पर पानी जमा होने से गेहूं, तुअर और चने के ढेरों में पानी घुस गया और अनाज भीग गया। दोपहर बाद हुई तेज बारिश से मंडी परिसर में कई जगह पानी भर गया। तिरपाल पर जमा पानी भी रिसकर अनाज तक पहुंचने लगा। हालांकि दूसरी बारिश से पहले नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और केवल तौल का काम बाकी था। ऐसे में इस नुकसान का अधिक असर व्यापारियों पर पड़ा है।