वर्धा. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को राहत देने के लिए केन्द्र शासन द्वारा पीएम श्रमयोगी मानधन योजना शुरू की गई है. इस योजना में सहभाग होनेवाले श्रमिकों को उम्र के 60 वर्ष पूर्ण होने के बाद प्रतिमाह 3 हजार रुपए मानधन दिया जाएगा. जिससे योजना में असंगठित श्रमिकों को सहभागी होने का आह्वान किया गया है. आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष उपलक्ष्य में देश के चुनिंदा 75 जिलों में अंत्योदय अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें वर्धा जिले का भी समावेश है.
इस अभियान अंतर्गत केन्द्र शासन के 17 योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को दिया जा रहा है. जिसमें पीएम श्रमयोगी मानधन योजना का भी समावेश है. जिले के हर एक असंगठित श्रमिकों का योजना अंतर्गत पंजीयन करने का लक्ष्य है. केन्द्र शासन के श्रमिक व रोजगार मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे इस योजना में असंगठित क्षेत्र में काम करनेवाले 18 से 40 वर्ष के श्रमिक पात्र रहेंगे.
श्रमिकों का फिलहाल मासिक आय 18 हजार रुपए के भीतर रहे. श्रमिक कर्मचारी राज्य बीमा योजना, भविष्य निर्वाह निधि या राष्ट्रीय पेंशन योजना का सदस्य न रहे, केन्द्र सरकार के श्रमिक व रोजगार मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे योजना के सदस्य होनेवाले श्रमिक श्रमयोगी मानधन योजना के लिए पात्र नहीं होंगे.
योजना में सहभागी होने के लिए श्रमिक को प्रतिमाह उम्र के तहत केवल 55 से 200 रुपए उम्र के 60 वर्ष तक अंशदाय के तौर पर जमा करना है. उम्र के 60 वर्ष पूर्ण होने के बाद श्रमिक को प्रतिमाह 3 हजार रुपए मानधन दिया जाएगा. जिसके लिए श्रमिक अपना पंजीयन नागरी सुविधा केन्द्र में संपर्क कर सकते हैं.