Eco tourism Wardha (सोर्सः सोशल मीडिया) 
वर्धा

समीक्षा: पालकमंत्री भोयर ने वनजल पर्यटन स्थल का किया दौरा, वनजल पर्यटन स्थल को नहीं होगी धन की कमी

Talegaon Eco Tourism: वर्धा के तलेगांव में विकसित हो रहे वनजल पर्यटन स्थल का पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दौरा कर समीक्षा की और परियोजना के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

आंचल लोखंडे

Wardha Tourism Development: आष्टी तहसील के तलेगांव गांव के पास विकसित किए जा रहे वनजल पर्यटन स्थल को लेकर पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने भरोसा दिलाया कि इस परियोजना के लिए निधि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पर्यटन स्थल जिले में अपनी अलग और विशिष्ट पहचान बना सकता है।

पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने तलेगांव स्थित वनजल पर्यटन स्थल का दौरा कर वहां चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर विधायक सुमित वानखेड़े, पूर्व विधायक सुधाकर कोहले, उपविभागीय जलसंधारण अधिकारी सुरेश ससाने, वन परिक्षेत्र अधिकारी विजय सूर्यवंशी, दिलीप निंभोरकर, सचिन होले सहित अन्य अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित थे।

नियमित देखभाल और मरम्मत पर भी विशेष ध्यान दे

पालकमंत्री ने कहा कि यह पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि स्कूली विद्यार्थियों के पिकनिक के लिए भी एक अच्छा विकल्प बन सकता है। इसके लिए विकास का सुनियोजित और दीर्घकालीन प्रस्ताव तैयार करना आवश्यक है। साथ ही भविष्य में स्थल की नियमित देखभाल और मरम्मत पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

आर्वी उपविभाग में वन क्षेत्र और वनतालाबों की भरपूर उपलब्धता

विधायक सुमित वानखेड़े ने कहा कि आर्वी उपविभाग में वन क्षेत्र और वनतालाबों की भरपूर उपलब्धता है। तलेगांव का वनजल पर्यटन स्थल इस बात का अच्छा उदाहरण है कि यदि गांव के लोग ठान लें, तो पर्यटन स्थल को कैसे विकसित किया जा सकता है। यहां ट्रैकिंग, उद्यान और पिकनिक स्पॉट विकसित करने का प्रस्ताव है। नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित होने के कारण यह स्थल भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।

तलेगांव वनजल पर्यटन स्थल की विशेषताएं

राष्ट्रीय महामार्ग से मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस पर्यटन स्थल पर बोटिंग, रिसॉर्ट, मेडिटेशन सेंटर, वॉटर पार्क, गार्डन, सनसेट पॉइंट, टेंट सिटी, रेस्टोरेंट और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वर्ष 2020–21 से इस परियोजना का विकास शुरू हुआ था। इसे पर्यटन विभाग से ‘क’ श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। विधायक सुमित वानखेड़े के प्रयासों और पालकमंत्री द्वारा उपलब्ध कराई गई निधि के कारण इस पर्यटन स्थल के विकास कार्यों को गति मिली है।

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