Wardha Salod Tipale Family Dies: नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर वर्धा के विरुल के पास हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार के सपनों के एक पल में राख हो जाने की दर्दनाक दास्तां है। वर्धा के सालोड हिरापुर निवासी राजेश टिपले अपनी जुड़वां बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का सपना लेकर पुणे गए थे, लेकिन किसे मालूम था कि खुशियों का यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार, राजेश टिपले (50), उनकी पत्नी सुषमा (45) और उनकी दोनों जुड़वां बेटियां पुणे में इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए गई थीं। एक बेटी का एडमिशन हो जाने के बाद उसे पुणे में ही छोड़ दिया। इसके बाद राजेश टिपले, उनकी पत्नी सुषमा, दूसरी बेटी जान्हवी (16) और कार चालक स्विफ्ट डिजायर कार से वापस वर्धा लौट रहे थे।
वर्धा पुलिस के मुताबिक एथेनॉल ले जा रहा एक कंटेनर ट्रक रविवार और सोमवार की दरमियानी रात समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 'इंटरचेंज आईसी-80' के पास पलट गया। हालांकि दूसरी लेन चालू थी तभी सड़क पर रुकी टिपले परिवार की कार को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहनों में आग लग गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में कार में सवार 4 यात्रियों और ट्रक चालक सहित उसमें सवार 2 लोगों की मौत हो गई।
धमाका इतना तेज था कि टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कार में सवार राजेश टिपले, उनकी पत्नी सुषमा, 16 वर्षीय बेटी जान्हवी और कार चालक की गाड़ी के भीतर ही झुलसकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आइशर ट्रक के चालक अंकुश लक्ष्मण राउत (31) की भी मौके पर मौत हो गई, जबकि ट्रक क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गया।हालांकि अस्पताल में उसकी भी मौत हो गई। इस भीषण हादसे में कुल 6 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलगांव पुलिस और महामार्ग पुलिस की टीम दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। कार के परखच्चे उड़ चुके थे और शव इस कदर फंस गए थे कि उन्हें बाहर निकालने के लिए वाहन को काटना पड़ा।
मिली जानकारी के मुताबिक परिवार के मुखिया राजेश आनंद परिवार के साथ अपनी दूसरी बेटी तन्वी को पुणे में पढ़ाई के लिए छोड़कर लौट रहे थे। दोनों जुड़वां बहनें थीं और उनके बीच बहुत गहरा और प्यार भरा रिश्ता था। तन्वी अभी पुणे में MBA में कर रही है, वहीं जान्हवी ने अपनी B.Tech की डिग्री पूरी कर ली थी। उनके पिता गांव में एक छोटी सी दुकान चलाते थे और मां सिलाई का काम करती थीं।
सीमित साधन होने के बावजूद, माता-पिता का सपना था कि वे अपनी दोनों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर उन्हें बड़ी कामयाबी दिलाएं और यह सपना सच होता भी दिखा, क्योंकि दोनों लड़कियां पढ़ाई में बहुत होनहार थीं। जब वे अपने करियर की शुरुआत करने और अपने पैरों पर खड़े होने ही वाली थीं, तभी उनमें से एक के साथ यह दुखद हादसा हो गया। पुणे में बेटी को छोड़ने की यह यात्रा परिवार के लिए आखिरी विदाई साबित हुई। इस घटना से सालोड गांव गहरे सदमे और दुख में डूबा हुआ है।
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जैसे ही यह खबर वर्धा के सालोड हिरापुर गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ गई। जिस घर में बेटी के इंजीनियरिंग में दाखिले की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब एक साथ तीन-तीन अर्थियां उठने की तैयारी है। पुणे में अकेली रह गई जुड़वां बहन को जब इस हादसे की खबर मिली, तो उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की आगे की जांच जारी है।