Highlights
वर्धा जिले के सभी 19 पुलिस थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया गया।
24 घंटे की कार्रवाई में अवैध शराब बिक्री के 138 मामले दर्ज।
पुलिस के अनुसार, 141 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
करीब 88.44 लाख रुपये का माल जब्त किए जाने की जानकारी।
अभियान में 4 डीवाईएसपी, 42 पुलिस अधिकारी और 326 पुलिसकर्मी शामिल हुए।
Wardha Police Wash Out Campaign: वर्धा जिले में अवैध शराब कारोबारियों के विरुध्द अभियान छेडते हुए पुलिस ने जिले में वॉश ऑऊट मुहिम चलाई, चौबीस घंटे में सभी 19 पुलिस थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान देशी, विदेशी व गावठी शराब बिक्री के 138 मामले दर्ज किये गए।
इसमें लगभग 88 लाख 44 हजार रुपयों का माल पुलिस ने जब्त करने की जानकारी है। पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने स्थिति का जायजा लेकर शराब बिक्रेताओं के विरुध्द सर्जिकल स्ट्राईक की योजना बनाई, कहां अवैध रुप से शराब भट्टियां चलाई जा रही, बाहरी क्षेत्र से आने वाली शराब का स्टॉक कहां रखा जा रहा।
इन बातों की जानकारी ली गई। पश्चात 7 से 8 अक्टूबर के दौरान एक साथ गांव की सीमा, खेत व जंगल परिसर में यह मुहिम चलायी गई। इस मुहिम में पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, एएसपी सदाशिव वाघमारे के मार्गदर्शन में चार डीवाईएसपी, 42 पुलिस अधिकारी, एलसीबी का दल व
326 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया था। इस कार्रवाई में कुल 141 आरोपियों के विरुध्द 138 मामले दर्ज बताये गए, जिले में भविष्य में शांति व कानून व्यवस्था बनी रहे इसलिए उक्त वॉश ऑऊट मुहिम नियमित रुप से जारी रहेंगी, ऐसा भी एसपी सौरभ कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। लोगों का मानना है कि यदि इस तरह की सख्त और औचक कार्रवाई लगातार जारी रहे, तो गांवों और शहरी इलाकों में पनप रहे अवैध नशे के कारोबार पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है।
साथ ही, वर्धा पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के धंधे में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जो लोग इस अवैध नेटवर्क को दोबारा खड़ा करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्धा जिले के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने मातहत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लगातार खुफिया तंत्र को मजबूत रखें।
ग्रामीण और शहरी सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि बाहरी जिलों से अवैध शराब की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वर्धा को एक नशामुक्त और सुरक्षित जिला बनाना है, जिसके तहत आने वाले दिनों में और भी बड़े स्तर पर ऐसी छापेमारी की कार्रवाई की जा सकती है।