Wardha Heatwave News: वर्धा जिले में इस वर्ष गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बुधवार, 20 मई को वर्धा का अधिकतम तापमान 47।1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जिले के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। पहली बार पारा 47 डिग्री के पार पहुंचने से नागरिकों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा था।
बढ़ती गर्मी के कारण दोपहर के समय शहर की कई सड़कें सुनसान नजर आईं। लोगों ने अत्यावश्यक कामों को छोड़कर घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। बाजार, चौक और सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिखाई दी।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार सुबह 8:30 बजे तापमान 31.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद गर्मी लगातार बढ़ती गई और सुबह 11:30 बजे तापमान 43.02 डिग्री तक पहुंच गया। दोपहर 2:30 बजे पारा 46.07 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शाम 5:30 बजे अधिकतम तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
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भीषण गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बाहर काम करने वाले लोगों पर वर्धा गर्मी का असर अधिक दिखाई दिया। कई स्थानों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी विदर्भ क्षेत्र में लू और अत्यधिक गर्मी जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।