Hinganghat Police FIR: वर्धा जिले में एक के बाद एक बैंक और पतसंस्थाओं में घोटाले उजागर हो रहे हैं। इसी बीच रावसाहेब पटवर्धन अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड की हिंगनघाट शाखा में बड़ा फ्रॉड सामने आने से खलबली मच गई है। संस्था द्वारा करीब 135 ग्राहकों से धोखाधड़ी कर 2 करोड़ 41 लाख 50 हजार रुपए का गबन किए जाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में हिंगनघाट पुलिस ने शाखा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत 13 संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में बैंक ग्राहक समिक्षा नंदकिशोर शिवणकर (27) ने हिंगनघाट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। समिक्षा शिवणकर ने वर्ष 2024 में पतसंस्था की हिंगनघाट शाखा में आरडी शुरू की थी। इसमें हर महीने 1 हजार रुपए जमा किए जाते थे। एक वर्ष में ब्याज सहित 633 रुपए की राशि सेविंग खाते में जमा हुई। इसके बाद उन्होंने 1 लाख रुपए की वार्षिक एफडी कराई, जिसकी मैच्यूरिटी तिथि 27 अगस्त 2026 थी।
मैच्यूरिटी के बाद पैसों की आवश्यकता होने पर समिक्षा शिवणकर अपनी जमा राशि में से 3 लाख 31 हजार 387 रुपए निकालने के लिए संस्था में पहुंचीं। इस दौरान शाखा प्रमुख केशव उमाटे और उपशाखा प्रमुख मधुरा पहाडे ने बैंक में फंड उपलब्ध नहीं होने की बात कही। अधिक पूछताछ करने पर पता चला कि 135 ग्राहकों के कुल 2 करोड़ 41 लाख 50 हजार रुपए शाखा अध्यक्ष आशिष चंद्रभान सोमन, उपाध्यक्ष वैशाली राजेश पाटने तथा संचालकों के कहने पर यवतमाल स्थित मुख्य शाखा में भेजे गए हैं।
इसके बाद 25 अगस्त को पतसंस्था के ग्राहक सुनील हेडाऊ, विभा कडू, शंकर चंदनखेडे, अनिल बुराडे, संतोष आंबटकर व अन्य ग्राहक यवतमाल स्थित मुख्य शाखा में पहुंचे। वहां उन्होंने संचालक मंडल से मुलाकात कर जमा राशि लौटाने की मांग की। उस समय संबंधितों ने 31 अगस्त 2026 तक सभी ग्राहकों को उनकी राशि लौटाने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, अब तक किसी भी ग्राहक को राशि नहीं मिली है। स्थानीय शाखा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संचालक मुख्य शाखा से राशि नहीं मिलने की बात कहते हुए टालमटोल करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद समिक्षा शिवणकर की शिकायत तथा अन्य पीड़ित ग्राहकों के बयानों के आधार पर हिंगनघाट पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
मामले में शाखा अध्यक्ष आशिष भालचंद्र सोमन, उपाध्यक्ष वैशाली राजेश पाटने सहित संचालक अनिल विट्ठल बांद्रे, रुपेश जनार्धन येंडे, किर्ती अतुल महाजन, सचिन पुंडलीक बनकर, राहुल शरद अडगुलवार, सारंग मुकूंद औदार्य, निलेश कैलाशचंद्र लष्करी, निखीलेश प्रकाश जोशी, संदीप शंकर जिरकर, नितेश विलास बेंद्रे और कुंदन बालकृष्ण चुलपार का समावेश है। प्रकरण की विस्तृत जांच में और भी गंभीर खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। मामले की आगे की जांच हिंगनघाट पुलिस द्वारा की जा रही है।