Hinganghat Bus Stand Condition: बारिश के मौसम में हिंगणघाट के मुख्य बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। पर्याप्त छत और यात्री प्रतीक्षालय की सुविधा नहीं होने के कारण सैकड़ों यात्रियों को बारिश के दौरान खुले में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान बस स्टैंड पर यात्रियों को छाता लेकर खड़े रहने की नौबत आ रही है। खासकर महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बसों के इंतजार में यात्रियों को कीचड़ और पानी से भरे परिसर में खड़ा रहना पड़ता है। बारिश बढ़ने पर स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
यात्रियों के अनुसार, बस स्टैंड पर बनाया गया छोटा सा यात्री निवारा (प्रतीक्षालय) यात्रियों की संख्या के लिहाज से बेहद अपर्याप्त है। बसों की आवाजाही और यात्रियों की भीड़ के बीच उपलब्ध प्रतीक्षालय में सभी यात्रियों के बैठने अथवा सुरक्षित खड़े रहने की जगह नहीं होती। परिणामस्वरूप अधिकांश यात्रियों को मजबूरी में खुले में रहना पड़ता है। हिंगणघाट शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक बसों से आवागमन करते हैं। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं और ग्रामीण यात्रियों के लिए बस स्टैंड महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है। ऐसे में यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। यात्रियों का कहना है कि बारिश के दिनों में बस स्टैंड परिसर में पानी और कीचड़ जमा होने से आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।
कई बार बस के आने की जानकारी होने के बावजूद यात्री बारिश से बचने के लिए इधर-उधर खड़े रहते हैं। इससे बस पकड़ने में भी परेशानी होती है। यात्रियों ने संबंधित विभाग से पर्याप्त आकार का यात्री प्रतीक्षालय, बारिश से बचाव के लिए शेड, परिसर में जल निकासी तथा साफ-सफाई की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि, बारिश शुरू होने के बाद अस्थायी उपाय करने के बजाय प्रशासन को भविष्य के लिए स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और बस स्टैंड की स्थिति सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग जोर पकड़ रही है।
सुबह स्कूल आते समय अधिकांश विद्यार्थी रेनकोट और छतरियां नहीं लाते। छुट्टी के बाद बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करते समय बारिश शुरू होने पर विद्यार्थियों को खुले में खड़े रहकर भीगते हुए घर लौटना पड़ता है। हिंगणघाट बस स्टैंड पर पर्याप्त यात्री शेड नहीं होने से छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।