Wardha Food Vendors Association: वर्धा खाद्य पेय विक्रेता संघ की नई कार्यकारिणी का पदग्रहण समारोह सोमवार को हुआ। समारोह में खाद्य एवं पेय व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सर्वसम्मति से मनोज मुड़िया को संघ का नया अध्यक्ष घोषित किया गया। वहीं संगठन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के लिए नए सहसचिवों की भी नियुक्ति की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त प्रफुल टोपले थे। उनके साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के निरीक्षक रविराज धाबर्डे एवं पीयूष मानवटकर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए व्यापारियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने में प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा।
संघ के सचिव रितुराज चुड़ीवाले ने स्वागत भाषण में संगठन की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहयोग से संघ से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को सरकार के नवीनतम नियमों और मानकों की जानकारी दी जाएगी।
साथ ही व्यापारियों को समय-समय पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन आसान हो सके। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना, विभागीय समन्वय बढ़ाना तथा वर्धा में खाद्य एवं पेय व्यवसाय को नई दिशा देना है।
इस अवसर पर उपस्थित व्यापारियों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज मुड़िया एवं उनकी टीम का अभिनंदन किया। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि नई कार्यकारिणी व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा सुरक्षित, स्वच्छ और नियमबद्ध व्यापारिक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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नई कार्यकारिणी में महेश अवथले को डेयरी विभाग के सहसचिव के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई। उसी प्रकार सुरेश आहुजा को रेस्टोरेंट विभाग का सहसचिव, सुरेश चंचलानी को बेकरी विभाग का सहसचिव तथा हिरेन जानी को होटल विभाग के सहसचिव के रूप में विभागवार जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम में स्पष्ट किया गया कि संघ का मुख्य उद्देश्य खाद्य एवं पेय व्यवसाय से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को नए सरकारी नियमों की जानकारी देना, व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना तथा सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य व्यवसाय को बढ़ावा देना है।