वर्धा

अग्निकांड मामले में आज फैसला; प्राध्यापिका को जलाने की घटना देशभर में गूंजी थी

नवभारत डेस्क

वर्धा/हिंगनघाट. राज्य व देश में गूंजे लेडी लेक्चरर अंकिता पिसुड्डे मामले में शनिवार को फैसला आने की संभावना है. इस मामले में सरकार की ओर से मशहूर एड. उज्ज्वल निकम पैरवी कर रहे है. बीते दो वर्ष पूर्व अंकिता को दिनदहाड़े चौक में जलाया गया था. आज इस प्रकरण में न्यायाधीश आरोपी को क्या सजा सुनाते है, इस और सभी की नजरें लगी हुई है. 

दर्दनाक घटना से सर्वत्र मचा था हड़कम्प

ज्ञात हो कि हिंगनघाट के एक महाविद्यालय में बतौर प्राध्यापिका कार्यरत अंकिता पिसुड्डे 3 फरवरी 2020 को सुबह दारोडा गांव से हिंगनघाट पहुंची थी. नंदोरी चौराहे पर उतरने के बाद वह करीब 7.20 बजे कालेज में पैदल जाने के लिए निकली़  इस दौरान दारोडा निवासी निकेश नगराले (27) दुपहिया से उसके पीछे आया़  उसने निकिता को बीच रास्ते पर रोककर एकतरतफा प्यार के चलते पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया. यह दर्दनाक घटना सामने आते ही सर्वत्र हड़कम्प मच गया़. घटना को अंजाम देकर निकेश वहां से फरार हो गया. 

40 प्रश तक झुलसने के बाद हुई थी मौत 

परिसर से नागरिकों ने आग बुझाई, किंतु तब तक अंकिता 40 प्रश तक झुलस गई थी. उसे नागपुर के आरेंज सिटी अस्पताल में उपचारार्थ दाखिल किया गया था. परंतु 10 फरवरी 2020 की सुबह 6.55 बजे उसकी मौत हो गई. घटना के उपरांत पुलिस ने निकेश की युद्धस्तर पर खोजबिन करके उसे दोपहर 2.30 बजे गिरफ्तार किया गया. आरेापी को न्यायालय में प्रस्तुत कर उसका 8 फरवरी तक पीसीआर लिया गया था. इसके बाद आरोपी की जेल में रवानगी की गई. तब से आरोपी जेल में कैद है.

न्याय के लिए जनमानस उतरा था सड़क पर 

दिनदहाड़े लेडी लेक्चरर को आगे हवाले कर देने के कारण राज्य के कई जिलो में अंकिता को न्याय देने के लिए नागरिक सड़क पर उतरे थे. आरोपी निकेश नगराले को फांसी की सजा देने की मांग होने लगी. प्रकरण ने तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने की घोषणा कर विधि विशेषज्ञ एड. उज्ज्वल निकम की नियुक्ति की. वहीं आरोपी की ओर से एड. सोने पैरवी कर रहे है.

निकेश ने जमानत पाने दाखिल की थी याचिका  

आरोपी निकेश नगराले ने जमानत हासिल करने के लिए हाईकोर्ट में 16 जून 2020 को याचिका दायर की थी. परंतु मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने 22 जून को उसकी याचिका ठुकरा दी थी.

34 बार कोर्ट में उपस्थित हुए एड. निकम

इस मामले में एड. निकम की नियुक्ति होने के बाद वह 14 दिसंबर 2020 को हिंगनघाट न्यायालय में पहली बार उपस्थित हुए. इसके बाद न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई आरंभ हुई. प्रकरण की  64 बार सुनवाई हुई है. एड. निकम ने 34 बार न्यायालय में उपस्थित रहकर पैरवी की. प्रकरण में कुल 77 गवाह थे, जिसमें से 29 गवाहों के बयान जांचे गये. जिला सत्र न्यायाधीश राहुल भागवत के न्यायालय में इस मामले का अंतिम फैसला आनेवाला है.

अगले सप्ताह आ सकता है फैसला

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस गंभीर मामले में शनिवार को अंतिम फैसला आने की उम्मीद है. परंतु किसी कारण व अन्य कुछ तकनीकी कारणों के चलते अगले सप्ताह में मंगलवार अथवा बुधवार को अंतिम फैसला आने की संभावना जताई जा रही है.

तिरंगे की शान में ड्यूटी निभाते हुए कांस्टेबल ए. धर्मराज ने गंवाई जान, CM विजय ने परिवार को दिए 30 लाख

NEET में 570 अंक फिर भी नहीं मिली सीट तो बदली राह, 21 की उम्र में शुभांगी ने क्रैक कीं 5 सरकारी नौकरियां

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

BSP के ब्राह्मण चेहरे हुए बेगाने, 2027 में मायावती कैसे साधेंगी दलित-ब्राह्मण समीकरण?

हसीना को सौंपो, तभी आएंगे भारत! तारिक रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश ने रखी शर्त, अगले महीने BRICS की बैठक