Wardha Weather News: मौसम विभाग ने वर्धा जिले में 7 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। आष्टी, आर्वी तहसील का कुछ हिस्सा छोड़ दिया जाये तो अब तक जिले में दमदार बारिश भलेही दर्ज नहीं की गई। परंतु आगामी दिनों में भारी वर्षों के आसार व्यक्त हो रहे है। वहीं गत वर्ष जुलाई माह की 17 व 18 तारीख को जिले में अत्यधिक बारिश की यादें आज भी ताजा है।
अतिवृष्टि व बाढ़ के चलते जिले में लगभग 66 गांव बाधित हुए थे। उस समय 1,307 परिवारों के 3,517 लोगों को सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित करने की नौबत आयी थी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष अतिवृष्टि अथवा बाढ स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी यंत्रणा सज्ज रखी हुई है। इस वर्ष अब तक जुलाई माह में 107.6 मिमी बारिश जिले में दर्ज हुई है।
राज्य के कुछ जिलों में रेड अलर्ट बताया गया है। इसी तर्ज पर वर्धा जिले 7 जुलाई तक येलो अलर्ट बताया गया है। आगामी दिनों में बारिश का जोर बढ़ने की आशंका है। बाढ़ स्थिति से दो-दो हाथ करने के लिए जिला व तहसीलस्तर पर आपदा नियंत्रन कक्ष व टीमें सज्ज रखी गई है। पिछले साल भी जुलाई माह में भारी तबाही का सामना करना पड़ा था, इस वर्ष भी जून माह में बारिश नहीं हुई है। परंतु जुलाई के शुरुवाती दिनों में जिले के कुछ हिस्सो में जोरदार बारिश हुई है।
अब तक जिले के 19 मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज हुई है। फिर एक बार जुलाई माह में भारी वर्षा के आसार व्यक्त किये जा रहे है। इससे पुनः एक बार बाढ़ स्थिति पैदा होने की आशंका है। जिले से 12 प्रमुख नदियां बहती हैं। तटिय क्षेत्र के 213 गांवों को बाढ़ का खतरा बताया गया, जबकि 27 गांव अत्यंत संवेदनशील है। आपदा से होने वाला - नुकसान टालने के लिए इस बार प्रशासन ने यंत्रणा सज्ज रखी है।
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वर्ष 2025 के जुलाई माह में 17 व 18 तारिख को हुई अतिवृष्टि से 66 गांवों में भयावह स्थिति पैदा हुई थी। इन गांवों के लगभग 1,307 परिवार व 3,517 नागरिकों को सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित किया गया था। कुछ गांव तो, पुर्नतः बाढ़ की चपेट में आ गये थे। जीवनउपयोगी वस्तु, अनाज व अन्य सामग्री का भारी नुकसान हुआ था।
गत वर्ष जुलाई माह में दो दिन लगातार हुई अत्यधिक बारिश से जिले के 835 किसान बाधित हुए थे। इन किसानों की 63,325।1 हेक्टयर क्षेत्र की जमीन व फसल पुर्नतः बर्बाद हुई थी।