उल्हासनगर मनपा (सोर्सः सोशल मीडिया) 
ठाणे

Ulhasnagar Municipal Corporation: शिवसेना मेयर बनेगी, वंचित बहुजन आघाड़ी बनी किंगमेकर

Thane: उल्हासनगर मनपा में सत्ता का फैसला वंचित बहुजन आघाड़ी के समर्थन के बाद तय हुआ। शिवसेना मेयर बनने जा रही है, भाजपा को विपक्ष में बैठना पड़ेगा और मनपा में बहुमत का आंकड़ा पूरी तरह स्पष्ट हो गया।

अपूर्वा नायक

Ulhasnagar News In Hindi: उल्हासनगर मनपा में सत्ता लड़ाई ने आखिरकार अहम मोड़ ले लिया है और यह साफ हो गया है कि मनपा में शिवसेना का मेयर होगा।

वंचित बहुजन आघाड़ी से चुने गए दो नगरसेवकों के शिवसेना को अधिकृत रूप से समर्थन देने के ऐलान के साथ ही मनपा में सबसे बड़े दल के रूप में सामने आने के बाद भाजपा को विपक्ष में बैठना पड़ेगा।

वंचित बहुजन के समर्थन के साथ शिवसेना की संख्या 40 तक पहुंच गई है। उल्हासनगर में मनपा कुल 78 सदस्य है। मनपा में में सत्ता हासिल करने के लिए 40 नगरसेवकों की आवश्यकता है। फिलहाल शिवसेना इस आंकड़े तक पहुंच गई है। 15 जनवरी को हुए उल्हासनगर मनपा चुनाव के हुए थे तथा इसके नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए गए थे। इस नतीजे में शिंदे शिवसेना और भाजपा के बीच सीधी टक्कर थी।

दोनों पार्टियों ने 37-37 सीटें जीतीं और बराबर संख्या में पहुंच गई। इसलिए वंचित और कांग्रेस पार्टियों के नगरसेवक मनपा में सरकार बनाने के लिए किंगमेकर थे। हालांकि 40 की संख्या का आंकड़ा कांग्रेस के बिना नहीं हो पाएगा। कांग्रेस को साथ लेना नैतिक रूप से सही नहीं था। नतीजतन वंचित बहुजन अघाड़ी निर्णायक स्थिति में आ गई। पहली बार नगर पालिका में शामिल हुई वंचित बहुजन आघाड़ी किंगमेकर बन गई।

विकास कार्यों के लिए शिवसेना को दिया साथ

  • वंचित बहुजन आघाड़ी के पार्षद सुरेखा सोनावणे और विकास खरात ने मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके घर पर मुलाकात की और शिवसेना को समर्थन का पत्र सौंपा। इस मुलाकात के दौरान कल्याण संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे मौजूद थे।
  • विधायक डॉ बालाजी किणीकर, पूर्व नपा अध्यक्ष सुनील चौधरी, योगेश जानकर और शिवसेना प्रवक्ता राहुल लोंढे भी मौजूद थे। इन दोनों पार्षदों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने वार्ड के सम्सा विकास के साथ-साथ दलित बस्ती सुधार योजना के तहत वाहों में रुके हुए विकास कार्यों को पूरा करने के लिए शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया है।
  • इससे पहले निर्दलीय पार्षद सविता तोरणे ने भी शिवसेना को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसलिए शिवसेना की संख्या बल निर्णायक स्थिति में पहुंच गई है।

उल्हासनगर से नवभारत लाइव के लिए कमर काजी की रिपोर्ट

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