ठाणे में जल संकट से निपटने की तैयारी।
अवैध नल कनेक्शन काटे जाएंगे।
टैंकरों की GPS मैपिंग होगी।
Thane Municipal Commissioner Water Crisis: अल नीनो के संभावित प्रभाव के चलते ठाणे शहर में इस वर्ष जल संकट की आशंका जताई जा रही है। इससे निपटने और जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठाणे महानगरपालिका ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मनपा आयुक्त सौरभ राव ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक कर संबंधित विभाग प्रमुखों को अगले 9 से 10 महीनों के लिए विस्तृत माइक्रो-प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पानी का बेहतर प्रबंधन करना और नागरिकों को कम से कम असुविधा होने देना है।
जल संकट से निपटने के लिए शहर में अवैध नल कनेक्शनों की पहचान की जाएगी। इसके लिए विशेष टीमें गठित कर ऐसे कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। मनपा ने पीने योग्य पानी के गैर-जरूरी और व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी सख्ती करने का फैसला किया है।
वॉशिंग स्टेशनों, निर्माण स्थलों, उद्यानों की सिंचाई और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में मनपा के पेयजल का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। इन उपायों के जरिए पीने के पानी की बर्बादी रोकने और उपलब्ध जल भंडार का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया जाएगा।
बैठक में मेट्रो, कोस्टल रोड, एलिवेटेड कॉरिडोर और रिंग मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाओं को दी जाने वाली पेयजल आपूर्ति अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इन परियोजनाओं को अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले शोधित पानी यानी ट्रीटेड वाटर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कदम का मकसद निर्माण कार्यों में पीने योग्य पानी की खपत कम करना है, ताकि उपलब्ध पानी का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों के लिए किया जा सके।
पानी की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने के लिए महानगरपालिका के सभी टैंकरों की जीपीएस मैपिंग की जाएगी। इसके अलावा, मुंबई महानगरपालिका की तर्ज पर टैंकरों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और लॉगबुक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
इस व्यवस्था से टैंकरों की आवाजाही और पानी की आपूर्ति का रिकॉर्ड रखने में मदद मिल सकती है। मनपा की योजना है कि आने वाले 9 से 10 महीनों के लिए पानी की उपलब्धता और मांग को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए ठाणे मनपा का जोर जल संरक्षण, पेयजल के अनावश्यक इस्तेमाल पर रोक और वैकल्पिक जल स्रोतों के उपयोग पर है। हालांकि, ठाणे शहर में जल संकट की वास्तविक स्थिति मानसून और जल स्रोतों में उपलब्ध पानी पर भी निर्भर करेगी।