विधायक संजय केलकर लोगों की शिकायते सुनते हुए (फोटो नवभारत)
ठाणे

पानी की किल्लत के बीच ठाणे में 79 गगनचुंबी इमारतें, विधायक संजय केलकर ने मनपा पर उठाए गंभीर सवाल

Thane Water Crisis: ठाणे में रोज 4 करोड़ लीटर पानी की कमी के बावजूद 150 मीटर ऊंची 79 इमारतों का निर्माण जारी है। विधायक संजय केलकर ने मनपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाए।

आलोक उमाकृष्ण

Sanjay Kelkar Serious Allegations: ठाणे शहर में प्रतिदिन 4 करोड़ लीटर (एमएलडी) पानी की भारी कमी है। इसी बीच, ठाणे मनपा ने 150 मीटर ऊंची 79 इमारतों के निर्माण की अनुमति दे दी है और निर्माण कार्य जारी है। इससे जनसंख्या और बढ़ेगी और पानी की कमी का असर और भी गंभीर हो जाएगा।

2017 में, उच्च न्यायालय ने पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने तक नई इमारतों के निर्माण पर रोक लगा दी थी। हालांकि, भाजपा विधायक संजय केलकर ने गंभीर आरोप लगाया है कि मनपा द्वारा झूठा हलफनामा प्रस्तुत करने के बाद निर्माण पर लगी रोक हटाई गई।

ठाणे में गहराता जा रहा पानी का संकट

ठाणे शहर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान तेजी से भवन निर्माण हुआ है। लगातार नई इमारतों के निर्माण के चलते शहर का विस्तार बढ़ रहा है और इसके साथ ही आबादी में भी लगातार इजाफा हो रहा है।

बड़ी संख्या में नए परिवारों के शहर में बसने से पानी की मांग भी पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। दूसरी ओर, उपलब्ध जलस्रोतों और जलापूर्ति व्यवस्था पर बढ़ता दबाव अब साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई इलाकों में नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है।

बढ़ती आबादी और सीमित जलापूर्ति के बीच संतुलन नहीं बनने से आने वाले समय में समस्या और गंभीर होने की आशंका है। ऐसे में नई इमारतों को मंजूरी देने से पहले शहर की मौजूदा जलापूर्ति क्षमता और भविष्य की जरूरतों का आकलन करना जरूरी माना जा रहा है।

मनपा की नगर नियोजन व्यवस्था

ठाणे शहर में पानी की कमी को लेकर नागरिकों की परेशानियां लगातार सामने आ रही हैं। शुक्रवार को विधायक संजय केलकर की 'जनसेवकचा जनसंवाद' पहल के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने पानी की समस्या से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं।

लोगों ने बताया कि कई इलाकों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक संजय केलकर ने ठाणे मनपा के नगर नियोजन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ते निर्माण और आबादी के बीच पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। विकास के साथ नागरिकों की मूलभूत जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

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