उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व मंत्री प्रताप सरनाईक (डिजाइन फौटो) 
ठाणे

शिंदे के गढ़ में शिवसेना की बढ़ी टेंशन, बागियों ने ठोकी निर्दलीय ताल, मंत्री सरनाईक ने दी चेतावनी

Thane Municipal Election: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे मनपा चुनाव में शिवसेना को बगावत का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रभागों में पदाधिकारियों ने टिकट न मिलने पर निर्दलीय नामांकन किया है।

आकाश मसने

Pratap Sarnaik Statement: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक दुर्ग ठाणे में शिवसेना को अपनों से ही कड़ी चुनौती मिल रही है। आगामी मनपा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे से असंतुष्ट पदाधिकारियों ने पार्टी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। शीर्ष नेतृत्व की समझाइश के बावजूद कई बागी उम्मीदवार पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

प्रमुख प्रभागों में बगावत की लहर

ठाणे के कई महत्वपूर्ण वार्डों में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने अब शिवसेना के ही पुराने वफादार मैदान में हैं। कैबिनेट मंत्री प्रताप सरनाईक के निर्वाचन क्षेत्र ओवला-माजीवाड़ा (प्रभाग 4) में युवा सेना के प्रमुख चेहरे नितिन लांडगे और एड. विक्की पाटिल निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

यही हाल उत्तर भारतीय बहुल इलाके प्रभाग 15 (इंदिरा नगर/साठे नगर) का है, जहां शिंदे के प्रबल समर्थक माने जाने वाले महेंद्र सोडारी ने अपनी पत्नी के साथ निर्दलीय पर्चा भरकर पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। घोडबंदर और कोपरी जैसे इलाकों में भी यही स्थिति है, जहाँ शिवसेना कल्याण जिला प्रमुख गोपाल लांडगे की पुत्रवधू ने भी बगावत कर दी है।

मंत्री प्रताप सरनाईक की चेतावनी

इस संकट के बीच परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई बागियों को समझा-बुझाकर नामांकन वापस करा लिया गया है, लेकिन जो अब भी अड़े हुए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री सरनाईक ने कहा कि बगावत करने वालों का पार्टी में कोई भविष्य नहीं रहेगा। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के निर्देशानुसार इन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। हालांकि, इन बागियों से हमारे चुनावी नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

'वचनपूर्ती' रिपोर्ट कार्ड के साथ जनता के बीच शिवसेना

चुनाव प्रचार के बीच प्रताप सरनाईक ने सोमवार को अपने क्षेत्र के लिए "विकास का ठाणे, भविष्य का ठाणे" नामक एक पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां अन्य पार्टियां केवल 'वचननामा' (घोषणापत्र) लाती हैं, वहीं हम अपनी 'वचनपूर्ती' (काम का हिसाब) पुस्तिका जनता के सामने रख रहे हैं।

उन्होंने श्रेय देते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा उपलब्ध कराए गए विकास कोष के कारण ही ओवला-माजीवाड़ा में बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे हो सके हैं। इस कार्यक्रम में पूर्वेश सरनाईक और राकेश मोदी समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का संकल्प दोहराया।

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