ठाणे महापौर पदाधिकारि आपातकालीन कक्ष (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
ठाणे

ठाणे में मानसून अलर्ट: महापौर ने आपातकालीन कक्ष का लिया जायजा, 24x7 व्यवस्था और 6500 CCTV लगाने के निर्देश

Thane Monsoon Preparedness: आगामी मानसून के मद्देनजर ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपोलकर ने आपातकालीन कक्ष का जायजा लिया। उन्होंने सभी वार्डों में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष शुरू रखने और समन्वय के निर्देश दिए।

रूपम सिंह

Thane Monsoon Preparedness Municipal Corporation: ठाणे आगामी मानसून को देखते हुए शहर में आपातकालीन व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाने के लिए, महापौर शर्मिला पिंपोलकर ने मनपा के आपातकालीन कक्ष का दौरा किया और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान नागरिकों को तत्काल मदद मिले और मुख्यालय और सभी वार्ड समिति स्तर पर आपातकालीन कक्ष 24 घंटे तैयार रखें।

इस अवसर पर सदन के नेता हनुमंत जगदाले, विरोधी पक्ष नेता अशरफ उर्फ शानू पठान, शिवसेना गुट नेता पवन कदम, उपायुक्त जी. जी. गोदेपुरे, मनीष जोशी, आपातकालीन व्यवस्थापन अधिकारी तड़वी और आपातकालीन विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

आपातकालीन स्थिति से निपटने बनाई जाए योजना

महापौर शर्मिला पिंपोलकर ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान यदि कोई आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो मैनपावर की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। ठाणे शहर के किसी भी हिस्से से मदद का संदेश मिलते ही पूरा सिस्टम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, इसके लिए उचित योजना बनाई जानी चाहिए।

साथ ही, आपातकालीन कक्ष में प्राप्त होने वाले हर कॉल का उचित रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर संबंधित शिकायत पर की गई कार्रवाई के बारे में शिकायतकर्ता को सूचित करने के निर्देश भी दिए।

शहर में लगाए जाएंगे 6500 सीसीटीवी कैमरे

इसके लिए प्रशासन को सभी आवश्यक उपकरण अपडेट रखने का आदेश दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राप्त शिकायत का पूरी तरह से निवारण होने तक उसकी लगातार समीक्षा की जानी चाहिए। मानसून के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना बहुत जरूरी बताते हुए, उन्हें महावितरण और पुलिस विभाग के समन्वयकों को आपातकालीन कक्ष में उपलब्ध रखने की योजना बनाने के लिए कहा गया।

उन्होंने आपातकालीन विभाग के कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय की जरूरत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर के किसी भी हिस्से में गंभीर आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जानकारी तुरंत संबंधित क्षेत्र के महापौर, उपमहापौर, पदाधिकारियों और स्थानीय नगरसेवकों को दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित नगरसेवकों की अद्यतन सूची आपातकालीन विभाग में उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए।

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