Thane Marathi Mandatory For Auto Taxi Drivers: ठाणे सहित मुंबई महानगर क्षेत्र में एक बार फिर गैर मराठी विवाद जोर पकड़ सकता है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऑटो एवं टैक्सी चालकों के लिए 1 मई से मराठी भाषा अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
जिसको लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। मराठी की अनिवार्यता को लेकर रिक्शा चालकों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। जिस पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता एवं ठाणे-पालघर जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि हड़ताल करो या यूपी बिहार वापस जाओ कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
महाराष्ट्र में रहकर हमें चुनौती मत दो बहुत मंहगा पड़ेगा। उन्होंने मुंबई , ठाणे एवं रायगढ़ जिले में आटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों का आंकड़ा भी जारी किया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि जिन आटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों को मराठी भाषा पढ़ना लिखना नहीं आता है ऐसे चालकों का लाइसेंस 1 मई से रद्द किया जाएगा।
सरकार के निर्णय के खिलाफ 15 लाख आटो रिक्शा चालकों के सड़क पर उतरने का दावा आटो रिक्शा संगठनों की तरफ से किया गया है। मनसे नेता अविनाश जाधव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने पोस्ट में कहा है कि 'चार दिन से सुन रहा हूं कि 15 लाख रिक्शा वाले हड़ताल पर जा रहे हैं।
सच्चाई यह है कि मुंबई, ठाणे एवं रायगढ़ में कुल 4 लाख आटो रिक्शा हैं। इसमें से 60 से 65 प्रतिशत रिक्शा चालक मराठी हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा है कि फिर हड़ताल के लिए यूपी बिहार से और अधिक रिक्शा मंगाने वाले हैं क्या? गलत आंकड़ा पेश कर कुछ लोग महाराष्ट्र का वातावरण खराब करने का काम कर रहे हैं।