Thane Cluster Development Scheme: ठाणे शहर में क्लस्टर योजना के तहत ‘क्लस्टर विकास कंपनी’ को दिए जा रहे अधिकारों को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से 27 अगस्त को क्लस्टर कार्यालय के खिलाफ प्रस्तावित मोर्चे को पुलिस ने अनुमति नहीं दी है। पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान ने कहा कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना जारी रखेगी।
मनोज प्रधान ने पत्रकार परिषद में कहा कि क्लस्टर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में निजी कंपनी की भूमिका बढ़ने से ठाणे महानगरपालिका की महासभा और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे को लेकर डॉ. जितेंद्र आव्हाड के नेतृत्व में 27 अगस्त को क्लस्टर कार्यालय तक मोर्चा निकालने का निर्णय लिया गया था।
पत्रकार वार्ता में मिलिंद बनकर, राजेश कदम,सचिन पंधरे आदि पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रधान के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे मोर्चे के आयोजन की जानकारी वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन को पत्र के माध्यम से दी गई थी। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक उत्तेकर के हस्ताक्षर वाली नोटिस जारी कर 1 सितंबर तक मनाई आदेश लागू होने की जानकारी दी गई और प्रस्तावित मोर्चे को अनुमति नहीं दी गई।
पुलिस के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने कहा कि मोर्चे के माध्यम से ठाणे शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए जाने थे। इनमें करीब 4 हजार एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित निर्माण, 12.5 एफएसआई देने का आधार, भविष्य में बनने वाले मकानों की संख्या, बढ़ने वाली आबादी तथा पानी, सीवेज और मलनिस्सारण व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सवालों पर चर्चा से बचने के लिए मोर्चे की अनुमति रोकी गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से अनुमति न देने के पीछे कानून-व्यवस्था और मनाई आदेश का हवाला दिया गया है।
मनोज प्रधान ने पुलिस से मोर्चे को अनुमति न देने के निर्णय के पीछे किसी प्रकार के दबाव की स्थिति होने पर उसे स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी ठाणे के नागरिकों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी और 27 अगस्त के आंदोलन के अपने निर्णय पर कायम है।