अशोक वर्मा.
BJP Protest Mayor Ashwini Nikam Nomination: ठाणे जिले के उल्हासनगर में आवेदन दाखिल करने के दिन ही स्वीकृत सदस्यों को चुनने की प्रक्रिया रद्द होने का असर सोमवार को मेयर अश्विनी निकम के जनता दरबार में सीधे तौर पर दिखाई दिया। गुस्साए BJP पदाधिकारियों ने मेयर को घेर लिया और फैसले पर सफाई मांगी।
संतोषजनक जवाब न मिलने का आरोप लगाते हुए और 'मेयर हाय हाय' के नारे लगाते हुए जनता दरबार में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। इससे नागरिकों की समस्याएं सुनने के लिए आयोजित जनता दरबार कुछ देर के लिए राजनीतिक अखाड़े में बदल गया।
मेयर अश्विनी निकम की ओर से आयोजित जनता दरबार में सोमवार को नागरिकों की विभिन्न समस्याओं और शिकायतों पर सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी बाला श्रीखंडे, कपिल अडसुल समेत अन्य कार्यकर्ता वहां पहुंचे और मनोनीत सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया अचानक रद्द किए जाने पर सवाल उठाए।
कार्यकर्ताओं ने मेयर से पूछा कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले चुनाव को अचानक क्यों रद्द किया गया। उनका आरोप था कि इस फैसले को लेकर BJP पदाधिकारियों को स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसी मुद्दे पर BJP कार्यकर्ताओं और मेयर अश्विनी निकम के बीच तीखी कहासुनी होने की भी जानकारी सामने आई।
मामले को लेकर जनता दरबार में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गरमा गया और नागरिकों की समस्याओं पर चल रही सुनवाई प्रभावित हुई। मेयर से संतोषजनक जवाब न मिलने का आरोप लगाते हुए गुस्साए कार्यकर्ताओं ने 'मेयर हाय हाय' के नारे लगाने शुरू कर दिए।
अचानक लगे नारों से जनता दरबार में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। इसके बाद मेयर अश्विनी निकम बिना कोई रिएक्शन दिए जनता दरबार से चली गईं । इस घटना से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि ठाणे शहर में मनोनीत सदस्यों के चुनाव को लेकर BJP और शिवसेना के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ेगा और गठबंधन भी खतरे में पड़ सकता हैं।