विधायक रईस शेख (सोर्स: सोशल मीडिया)
ठाणे

SIR Controversy: ठाणे के भिवंडी में 1.84 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप, MLA रईस शेख ने की शिकायत

Thane SIR Voter List: ठाणे के भिवंडी पूर्व में SIR के दौरान 1,84,716 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा सपा विधायक रईस शेख ने किया है। उन्होंने चुनाव आयोग से जांच और नाम बहाल करने की मांग की।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • रईस शेख ने 1,84,716 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया।

  • फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग और कुछ समुदायों को निशाना बनाने के आरोप लगाए।

  • चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच, नाम बहाली और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

Rais Shaikh Seeks Inquiry Over SIR: ठाणे जिले के मुश्लिम बहुल विधानसभा भिवंडी पूर्व में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने लगाया है।

उन्होंने दावा किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 1,84,716 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 49 प्रतिशत है। इस मामले में उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत कर हटाए गए नामों को बहाल करने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मैपिंग में बाहर हुए नाम

मुंबई में गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रईस शेख ने SIR प्रक्रिया से संबंधित आंकड़े और दस्तावेज प्रस्तुत किए। उनके अनुसार, भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में प्रक्रिया से पहले 3,76,138 मतदाता थे। इनमें से 1,91,097 मतदाताओं की मैपिंग हुई, जबकि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए।

फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप

विधायक रईस शेख ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान 42,430 मतदाताओं के आंकड़ों में अंतर और 25,230 मतदाताओं के मामलों में विसंगतियां सामने आईं।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (BLA) फॉर्म-7 का कथित दुरुपयोग कर 12 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटवाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा, उनके मुताबिक 17,200 मतदाताओं को मैपिंग प्रक्रिया से बाहर रखा गया।

शेख ने कहा कि भिवंडी में रहने वाले कई मतदाताओं को स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित दिखा दिया गया, जबकि उन्होंने गणना फॉर्म (Enumeration Form) भरे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मतदाताओं के फॉर्म बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के पास से गायब हो गए।

मुस्लिम, दलित मतदाताओं को निशाना बनाने का दावा

रईस शेख ने आरोप लगाया कि स्थानीय मतदाताओं के खिलाफ फॉर्म-7 दाखिल किए गए, जबकि आवेदन करने वाले लोग संबंधित मतदाताओं को पहचानते तक नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में मुस्लिम, दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया गया।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि BLA की नियुक्ति और फॉर्म जमा करने के नियमों में बदलाव के कारण नाम हटाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

नाम बहाल करने की मांग

शेख ने SIR प्रक्रिया को लेकर भिवंडी में मतदाताओं के बीच नाराजगी का दावा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है। इसका ज्ञापन राज्यपाल को सौंपने की तैयारी है।

उन्होंने चुनाव आयोग से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने, पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भिवंडी मनपा के उपमहापौर तारीक मोमीन सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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