ठाणे वायु प्रदूषण (सौ. सोशल मीडिया ) 
ठाणे

कभी हरियाली के लिए मशहूर ठाणे अब प्रदूषण की चपेट में, पेड़ों की कटाई और कंस्ट्रक्शन से बिगड़ी हवा

Tree Cutting Impact Thane City: ठाणे में बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की कटाई से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। निजी वेबसाइट्स हवा को गंभीर श्रेणी में दिखा रही हैं, जबकि सरकारी आंकड़े इसे मध्यम बता रहे हैं।

अपूर्वा नायक

Thane Air Pollution: ठाणे जिले में पेड़ों की कटाई और बढ़ते तापमान से ठाणे के लोग परेशान हैं, आम लोगों को भी प्रदूषण का असर झेलना पड़ रहा है।

पिछले कुछ दिनों से ठाणे जिले में सुबह के समय हवा प्रदूषित रही है और अक्सर गंभीर और खराब कैटेगरी में रहती है, जैसा कि एयर क्वालिटी मापने वाली प्राइवेट संस्थाओं की वेबसाइट पर दिखाया गया है।

हालांकि सरकार के सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड के मुताबिक, ठाणे जिले की हवा मॉडरेट कैटेगरी में दिखाई गई है। पता हो कि पिछले कुछ सालों में ठाणे जिले में बड़ी संख्या में बिल्डिंग तथा अन्य कई परियोजनाओं पर काम शुरू है, जिसकी वजह से पूरे जिले में धूल का साम्राज्य फैलने लगा है।

प्रदूषण से बचने मुंबई से आए ठाणे

हजारों लोगों ने ठाणे और नवी मुंबई शहरों में घर खरीदना पसंद किया, जो मुंबई से पैदल दूरी पर है, क्योंकि वहां हरे-भरे पेड़ हैं और शहर में संजय गांधी नेशनल पार्क, बगीचे और मैदान है, जिससे वे खुलकर सांस ले सकते हैं।

लेकिन अब सवाल यह उठा है कि क्या यह घर खरीदना एक गलती है। क्योंकि, अलग-अलग सरकारी प्रोजेक्ट्स में लगातार पेड़ों की कटाई, बिल्डिंग बनाने के लिए कंस्ट्रक्शन प्रोफेशनल्स को बड़े पैमाने पर दिए गए परमिट और आबादी के हिसाब से गाड़ियों की बढ़ती संख्या की वजह से ठाणे जिले में हवा की क्वालिटी खराब लेवल पर पहुंच रही है। सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी।

शहर में गर्मी और प्रदूषण दोनों बढ़े

अब गर्मी शुरू होने के साथ ही प्रदूषण का नेचर कुछ हद तक बदल गया है। इस वजह से उम्मीद थी कि हवा का प्रदूषण कम होगा, लेकिन ऐसा लगता है कि ठाणेकरों की सेहत गर्मी में भी खतरे में है। एक तरफ जहां गर्मी बढ़ रही है, वहीं अब उन्हें प्रदूषण की मार भी झेलनी पड़ रही है।

हवा की क्वालिटी मापने वाली कुछ वेबसाइट्स पर ठाणे जिले में हवा की क्वालिटी गभीर और खराब कैटेगरी में दर्ज की गई थी। एक वेबसाइट पर ठाणे की हवा को दूसरा सबसे प्रदूषित शहर दिखाया गया था। हालांकि, सरकारी एजेंसियों द्वारा मापी गई हवा की क्वालिटी मीडियम कैटेगरी में दिखाई गई थी।

ठाणे, जो कभी अपनी झीलों और हरियाली के लिए मशहूर था, अब दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर है। ठाणे में हवा की क्वालिटी इतनी खराब है कि जिंदा रहने के लिए सांस लेना भी दूभर हो गया है। मैं पिछले दो सालों से लगातार इस पर सबूत दे रहा हूं, लेकिन ठाणेकर के लोगों की सेहत पर गंभीर असर के बावजूद, प्रशासन सुस्त है और नेता अपनी राजनीति में डूबे हुए हैं। इस गंभीर संकट की किसी को परवाह नहीं है।

- रोहित जोशी, पर्यावरण कार्यकर्ता

मिमिक्री से मनोरंजन होता है…राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम पर MLA राम कदम का बड़ा हमला

पहाड़ों से रेगिस्तान तक भारत-अमेरिका की सेनाओं का ‘युद्ध अभ्यास’, अल्ट्रा लाइट होवित्जर से LIVE फायरिंग

West Bengal SIR: बंगाल में 42 चुनाव ट्रिब्यूनल गठन करने की मांग, निर्वाचन आयोग का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा

सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर चाहिए? 1 अक्टूबर से पहले पूरा करें यह जरूरी काम, वरना रिफिल में हो सकती है परेशानी

मिडिल ईस्ट में सैन्य टकराव के बीच अलर्ट, US ने अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की