ठाणे वित्तीय धोखाधड़ी, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
ठाणे

21 महीने में पैसा दोगुना करने का लालच, ठाणे में 250 से ज्यादा निवेशकों से 16 करोड़ की ठगी

Thane Financial Fraud: ठाणे में 21 महीनों में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर 250 से अधिक लोगों से 16 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य आरोपी सतीश पाटोले को गिरफ्तार किया।

रूपम सिंह

Highlights

  • 250 से ज्यादा निवेशकों से करीब ₹16 करोड़ की ठगी।

  • 21 महीने में रकम दोगुनी करने का दिया था लालच।

  • मुख्य आरोपी सतीश पाटोले गिरफ्तार।

Thane EOW Fraud Case: महज कुछ ही महीनों में पैसों को दोगुना करने और हर महीने भारी-भरकम मुनाफे के लालच में आना अब आम निवेशकों के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है। ठाणे आर्थिक अपराध शाखा ने एक ऐसे ही सनसनीखेज आर्थिक धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है, जहां शातिर ठगों ने महज 21 महीनों में रकम दोगुनी करने और हर महीने 10 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर 250 से ज्यादा निवेशकों को करीब 16 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सतीश पाटोले को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य साथियों - की तलाश तेजी से की जा रही है।

व्हाट्सएप स्टेटस से बिछाया था जाल, जीता विश्वास

इस पूरे ठगी के खेल की शुरुआत अक्टूबर 2024 में हुई थी, जब ठाणे शहर के रहने वाले प्रशांत कदम (43) को एक परिचित के व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए 'न्यू कैपिटा एंटरप्राइजेज' नामक कंपनी में निवेश की जानकारी मिली। इसके बाद प्रियंका पांडे नामक महिला के जरिए उनकी मुलाकात मुख्य आरोपी सतीश पाटोले और उसकी पत्नी हर्षला से हुई।

कंपनी के मालिक होने का दावा करते हुए पाटोले दंपति ने निवेशकों का ऐसा विश्वास जीता कि प्रशांत कदम ने खुद 1 करोड़ 44 लाख रुपये और उनकी पत्नी मीनल ने 48 लाख रुपये इस फर्जी कंपनी के बैंक खाते में झोंक दिए। आरोपियों ने विश्वास बनाए रखने के लिए निवेशकों को हर बार रसीद और पोस्ट-डेटेड चेक भी दिए थे।

कर्ज चुकाने में पैसों का खेल

नवंबर 2024 से अगस्त 2026 के बीच रिटर्न के नाम पर शिकायतकर्ता कदम के खाते में लगभग 55 लाख रुपये ट्रांसफर भी किए गए। हालांकि, जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने इस रकम का इस्तेमाल निवेशकों को मुनाफा देने की बजाय अपने निजी कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए किया था।

ऑफिस पहुंचे तो हुआ बड़ा खुलासा

जब तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो निवेशकों को उनका मूलधन मिला और न ही मुनाफा, तो पीड़ितों ने जून 2026 में कंपनी के कार्यालय का रुख किया, वहां पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि कंपनी के असली मालिक संजय मौर्य है।

पूछताछ में यह चौकाने वाला सच सामने आया कि संजय मौर्य, सतीश पाटोले, हर्षला पाटोले और संतोष पवार की इस मंडली ने मिलकर शुरुआत में करीब 12 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था। इस मामले में प्रशांत कदम की शिकायत पर 25 सितंबर को कासारवडवली ठाणे पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला गंभीर होने के कारण इसकी जांच ठाणे आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दी गई।

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