Pradeep Purnekar murder case Sanjay Raut Statement: ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णकर की हत्या के बाद बुधवार को मानपाड़ा -कापुरबावड़ी इलाके में लोगों का तीव्र आक्रोश देखने को मिला। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे एवं संजय राऊत भी देर शाम कापुरबावड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचे।
जबकि पार्टी के नेता पूर्व सांसद राजन विचारे एवं ठाणे जिला प्रमुख केदार दिघे दोपहर से ही डटे हुए थे। प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे ने प्रदीप पूर्णेकर को जान से मारने की धमकी दी थी और उन्होंने बैठक (मीटिंग) करके यह सब करवाया है।
एफआईआर में मीनाक्षी शिंदे व राजेंद्र शिंदे का नाम दर्ज किए जाने के बाद परिवार वालों ने अंतिम संस्कार के लिए प्रदीप पूर्णेकर का शव स्वीकार किया। संजय राऊत ने कहा है कि जब तक मुख्य संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है, तब तक शिवसेना शांत नहीं बैठेगी।
इस बीच पुलिस ने पूर्णेकर की हत्या के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है एवं एक अन्य को हिरासत में लिया है।
मंगलवार रात करीब नौ बजे कापूरबावड़ी थाना क्षेत्र में नकाबपोश हमलावरों ने पूर्णेकर पर गोलियां चलायीं और वे मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां आपातकालीन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
गोलीबारी की घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों में व्यापक चिंता व्याप्त हो गई। पुलिस ने बताया कि हमले के पीछे की वजह अभी पता नहीं चल सकी है। पुलिस प्रशासन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तथा व्यक्तिगत दुश्मनी समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहा है।
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जेजे अस्पताल से प्रदीप पूर्णेकर का शव सीधे कापूरबावड़ी पुलिस स्टेशन लाया गया। परिजनों और समर्थकों ने हत्यारों पर तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया। उन्होंने रुख अपनाया कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक पूर्णेकर के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
शिवसेना (यूबीटी) के केदार दिघे और राजन विचारे भी दोपहर बाद पुलिस स्टेशन पहुंचे, जिससे पूरा पुलिस स्टेशन पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। कापूरबावड़ी पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदीप पूर्णेकर के परिजन, रिश्तेदार और समर्थक बड़ी संख्या में एकत्र हुए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने इसे राजनीतिक हत्या बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की।
प्रदीप पूर्णेकर पर हुए हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें चेहरे पर रुमाल बांधे दो आरोपी बाइक से पूर्णकर के दफ्तर की तरफ जाते दिख रहे हैं। एक दुकान में लगी सीसीटीवी फुटेज में गोली चलने की सात आवाज सुनी जा सकती है।
पुलिस के मुताबिक चार राउंड फायरिंग हुई थी जिसमें से दो पूर्णकर को लगी इस मामले में पुलिस ने पप्या शिंदे और आकाश निमसे नाम के संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि इस हमले में निखिल यादव, पप्या शिंदे, आकाश निमसे, संतोष कनौजिया और एक अन्य व्यक्ति समेत कुल पांच लोगों का हाथ है।
पुलिस स्टेशन के बाहर शव रखी एम्बुलेंस खड़ी की गई थी। विरोध प्रदर्शन स्थल पर पूर्व सांसद राजन विचारे और उद्धव सेना के ठाणे जिला प्रमुख केदार दिघे भी पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे की गिरफ्तारी की मांग की।
इसके साथ ही हत्या करने वाले आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार न करने का रुख अब पूर्णेकर परिवार और समर्थकों ने जताया। समर्थकों ने सड़क भी जाम कर दिया।
प्रदीप पूर्णकर की हत्या के बाद उनके बेटे राम पूर्णेकर ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे ने प्रदीप पूर्णेकर को जान से मारने की धमकी दी थी और उन्होंने मीटिंग करके यह सब करवाया है। राम पूर्णकर ने दावा किया है कि आरोपियों द्वारा गणेशोत्सव के समय से ही रेकी की जा रही थी।
शिवसेना (य (यूबीटी) नेता संजय राऊत ने बुधवार को ठाणे में पार्टी के एक पदाधिकारी की हत्या को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए इसे राज्य के गृह विभाग के लिए "शर्मनाक बताया।
उन्होंने कहा कि यह सीधा कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला है। मुख्य साजिशकर्ताओं के नाम छिपाकर छोटी मछलियों पर कार्रवाई करने की कोशिश की जा रही है। क्या यहां शिंदों का कानून चलता है? ऐसा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब तक मृतक कार्यकर्ता को न्याय नहीं मिलता, तब तक हमारे कार्यकर्ता रोज पुलिस स्टेशन में उपस्थित रहकर जवाब मांगेंगे।
राऊत ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के शहर 'विभाग प्रमुख' पूर्णेकर एक स्थानीय शिवसेना नेता के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष कर रहे थे। राऊत ने कहा कि पूर्णेकर शहर के मनोरमा नगर इलाके में बिल्डर लॉबी और मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस नेता को "इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
राऊत ने कहा कि ठाणे अपराधियों और मादक पदार्थों के माफिया के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया है। यह देवेंद्र फडणवीस की विफलता है और ठाणे के नागरिकों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया है। प्रदीप पूर्णकर का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा!"