Mira Road Murder Case 2017: मीरा रोड में 2017 में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपराध शाखा ने 9 साल से फरार मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है।यह गिरफ्तारी झारखंड के हजारीबाग से की गई, जहां आरोपी लंबे समय से छिपकर रह रहा था।
6 अप्रैल 2017 को दोपहर करीब 2 बजे, काशिमीरा थाना क्षेत्र के मीरा गांव में अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय शामू लाहिड़ी गौड़ की उनके घर के दरवाजे पर गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस मामले में हत्या, साजिश और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आया कि आरोपी सुनीलकुमार राजक ने 2015 में एक अन्य हत्या मामले में जमानत के लिए मृतक से 5 लाख रुपये उधार लिए थे। जब मृतक बार-बार पैसे वापस मांगने लगा, तो उसने हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने राजेश मुनेश्वर रविदास को 2 लाख रुपये की सुपारी दी। सुपारी लेने के बाद राजेश अपने साथियों के साथ झारखंड से मीरा रोड आया, इलाके की रेकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया।
इस मामले में अन्य आरोपियों को मार्च 2026 में आजीवन कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी थी, लेकिन मुख्य शूटर राजेश रविदास फरार था। अपराध शाखा कक्ष-1 की टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी झारखंड के हजारीबाग में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर निगरानी की और जाल बिछाकर 15 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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राजेश रविदास पहले भी झारखंड के तलैया थाना क्षेत्र में हत्या और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उसने पहले भी सुपारी लेकर हत्या करने की बात कबूली थी। गिरफ्तार आरोपी को हजारीबाग की अदालत में पेश करने के बाद काशिमीरा पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय शिंदे, पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोइफोडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अपराध शाखा प्रकोष्ठ 1 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुशीलकुमार शिंदे की टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।