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मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की आमसभा में हंगामे के बीच कई विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
आमसभा में फिल्मांकन के मुद्दे पर हंगामा हुआ।
विपक्ष का आरोप है कि कार्यसूची के करीब 32 विषयों पर पर्याप्त चर्चा किए बिना बहुमत के आधार पर फैसले लिए गए।
Mira Bhayandar Municipal Corporation: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की आमसभा में शुक्रवार को भारी हंगामे और अव्यवस्था के बीच सत्ताधारी भाजपा ने सैकड़ों करोड़ रुपए के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।
इस बैठक में भूमिगत सीवरेज योजना और मल-जल शोधन केंद्रों के लिए 188 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट पास किया गया, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए, विपक्ष का आरोप था कि कार्यसूची में शामिल करीब 32 विषयों पर बिना किसी पर्याप्त चर्चा के बहुमत के आधार पर फैसले ले लिए गए।
आमसभा के दौरान फिल्मांकन के मुद्दे को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि सदन में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। कुछ पार्षदों पर दर्शक दीर्घा में मौजूद नागरिकों और पत्रकारों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप भी लगा है। इस मामले में पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें नगरसेवकों के साथ-साथ कुछ नागरिकों के खिलाफ भी शिकायतें दर्ज हुई हैं।
बैठक में भूमिगत सीवरेज योजना के दूसरे चरण के लिए करीब 500 करोड़ और मलजल शोधन केंद्रों के रखरखाव व पुनर्निर्माण के लिए 188 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। विपक्ष ने सवाल उठाया कि पहले चरण की प्रगति और मौजूदा केंद्रों की कार्यक्षमता की समीक्षा किए बिना इतनी बड़ी राशि खर्च करने को लेकर कोई सार्थक चर्चा क्यों नहीं की गई। इसके अलावा परियोजनाओं की लागत, कार्ययोजना और समयसीमा को सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई।
सभा में बस किराया बढ़ाने, जलापूर्ति योजना के तहत वितरण व्यवस्था विकसित करने और सूखाग्रस्त किसानों को आर्थिक सहायता देने जैसे अन्य प्रस्ताव भी शामिल थे। विपक्ष ने आपत्ति जताई कि नवरात्रि कार्यक्रम में शामिल होने की जल्दी के कारण कार्यवाही को जल्द समाप्त कर दिया गया और महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों पर स्पष्टीकरण नहीं लिया गया। वहीं, भाजपा गुटनेता हसमुख गहलोत ने दावा किया कि प्रशासनिक कामकाज को समय पर पूरा करने के लिए ही ये निर्णय लिए गए हैं।