ई-चालान (सौ. सोशल मीडिया ) 
ठाणे

ई-चालान के खिलाफ ट्रांसपोर्टर्स का आंदोलन, आजाद मैदान में प्रदर्शन की चेतावनी

Maharashtra Transporters Action Committee ने ई-चालान के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। सरकार पर राजस्व बढ़ाने के लिए टारगेट आधारित चालान काटने का आरोप लगाया गया है।

अपूर्वा नायक

Maharashtra E-Challan Protest: ठाणे से जुड़े ट्रांसपोर्टर्स संगठनों ने ई-चालान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी ने गुरुवार को आजाद मैदान में आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। ट्रांसपोर्टर्स कमेटी के प्रवक्ता राजेंद्र पाटिल ने आरोप लगाया कि राज्य का परिवहन विभाग और पुलिस बिना ठोस कारण के ऑनलाइन ई-चालान जारी कर रहे हैं।

उनका कहना है कि राजस्व बढ़ाने के लिए ई-चालान को एक “हथियार” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। नेताओं का आरोप है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर टारगेट तय कर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

छात्रों और आम नागरिकों पर असर

कमेटी ने चेतावनी दी है कि आंदोलन का असर स्कूली छात्रों और आम नागरिकों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में बसें और अन्य व्यावसायिक वाहन सड़कों से हट सकते हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में लगभग 40,000 बसों का प्रतिनिधित्व करने वाली बस मालिक संघ भी इस आंदोलन का समर्थन कर रही है।

सरकार से समाधान की मांग

प्रवक्ता राजेंद्र पाटिल के अनुसार, राज्य सरकार ने पहले ई-चालान जुर्माने में राहत के लिए एक समिति गठित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ट्रांसपोर्टर्स की मांग है कि ई-चालान प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए, गलत चालान रद्द किए जाएं और जुर्माने में उचित छूट दी जाए। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलन से पहले समाधान निकालती है या मामला और तूल पकड़ता है।

Cyber Fraud: ऑनलाइन स्कैम के बाद कैसे बचाएं पैसे? 1930 पर कॉल से लेकर ऑनलाइन शिकायत तक जानें जरूरी बातें

राहुल गांधी को री-लॉन्च करने के चक्कर में हो रहा पार्टी का नुकसान, कांग्रेस पर बरसे संजय निरुपम

युवाओं को विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा, राही मासूम रजा की जन्म शताब्दी पर बोले LG मनोज सिन्हा

महाराष्ट्र के येवला से बांग्लादेश पहुंचा शीरे का माल, मध्य रेल को मिला 1.11 करोड़ रुपये का राजस्व

जामिया में छात्र संघ चुनाव को लेकर क्यों गरमाया माहौल? विरोध के बाद ऑफलाइन पढ़ाई ठप, ऑनलाइन क्लास शुरू