मुफ्त बैग (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो) 
ठाणे

यूनिफॉर्म और किताबों के बाद अब बैग भी मुफ्त देगी सरकार; महाराष्ट्र के लाखों छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

Maharashtra Free School Bag Scheme: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा ऐलान। कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को मिलेंगे मुफ्त स्कूल बैग। ₹165 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी, लाखों छात्रों को होगा फायदा।

प्रिया जैस

School Education Department Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को मुफ्त स्कूल बैग देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के स्कूल शिक्षा और खेल विभाग ने शुक्रवार को इस निर्णय की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य छात्रों के अभिभावकों पर शैक्षिक खर्च का बोझ कम करना, स्कूल में नियमित उपस्थिति बढ़ाना और ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा में बनाए रखना है।

इस योजना के तहत, पहले से ही मुंबई जैसे नगर निगम स्कूलों में मुफ्त बैग की सुविधा दी जा रही है, इसलिए उन्हें इस की योजना से बाहर रखा गया है। राज्य सरकार की लिए विभिन्न उपायों को लागू किया जाता है।

साथ ही, छात्रों की सभी शैक्षिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार पहले से ही विभिन्न सहायक योजनाओं का संचालन कर रही है। छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, दो स्कूल यूनिफॉर्म, मध्याह्न भोजन योजना, शैक्षिक सामग्री और अन्य शैक्षिक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। अब, इस योजना के तहत मुफ्त बैग भी उपलब्ध कराए जिससे छात्रों को सकेगी।

165 करोड़ के बजट को मंजूरी

  • राज्य के स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के सभी पात्र छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • जो महानगरपालिका या नगरपालिकाओं ने पहले से ही मुफ्त बैग योजना लागू की है, उन स्कूलों को इस योजना से बाहर रखा जाएगा।
  • बाकी सभी स्कूलों के छात्रों को राज्य सरकार की ओर से बैग प्रदान किए जाएंगे।
  • इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 165 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है, जिसे स्कूल शिक्षा और खेल विभाग द्वारा वितरित किया जाएगा।

राज्य के लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा

बैग खरीदने की प्रक्रिया राज्य के नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी, और शिक्षा निदेशक (प्राथमिक) महाराष्ट्र राज्य पुणे स्तर से इस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। वित्त विभाग के निर्देशानुसार, वितरित निधि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और इसके उपयोगिता प्रमाणपत्र सरकार को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

इस निर्णय से राज्य के लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा, और शिक्षा सामग्री आसानी से उपलब्ध होने से स्कूलों में उपस्थिति बढ़ेगी, शैक्षिक असमानताएं घटेंगी, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। ठाणे जिला शिक्षा विभाग ने इस निर्णय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

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