करोड़पति उम्मीदवार (सौ. AI Generated) 
ठाणे

Thane: केडीएमसी चुनाव बना दौलत, डिग्री और विरासत की जंग, 490 उम्मीदवारों में से 10 करोड़पति

Maharashtra Local Body Election: केडीएमसी चुनाव 2026 में मुकाबला सिर्फ पार्टियों का नहीं, बल्कि करोड़पति उम्मीदवारों, आम नागरिकों, शिक्षा और राजनीतिक विरासत के बीच है।

अपूर्वा नायक

Kalyan Dombivli News In Hindi: कल्याण महानगरपालिका (केडीएमसी) चुनाव इस बार सिर्फ वार्ड और दलों की लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि यह चुनाव दौलत, शिक्षा और सियासी विरासत के दिलचस्प टकराव का अखाड़ा बन गया है।

चुनाव मैदान में उत्तरे 490 उम्मीदवारों में जहां 10 उम्मीदवार करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं कई ऐसे चेहरे भी हैं जिनकी कुल संपत्ति कुछ लाख रुपये तक सीमित है। यह पूरा 'सियासी प्रोफाइल' उम्मीदवारों के शपथ पत्रों से सामने आया है, जिसने मतदाताओं के बीच नई बहस छेड़ दी है।

केडीएमसी चुनाव की सबसे रोचक तस्वीर शैक्षणिक विविधता की है। किसी उम्मीदवार की पढ़ाई सातवीं या दसवीं तक सीमित है, तो कोई स्नातक, वकील या तकनीकी क्षेत्र का जानकार है। मतदाता अब यह सवाल उठाने लगे हैं कि नगरसेवक बनने के लिए डिग्री ज्यादा जरूरी है या जमीन से जुड़ा अनुभव ?

शिक्षा और अनुभव की यह जुगलबंदी इस चुनाव को खास बना रही है। शपथपत्र बताते हैं कि अधिकांश उम्मीदवार निर्माण व्यवसाय, ठेकेदारी, उद्योग, होटल-रेस्तरां, पर्यटन और वकालत से जुड़े हैं। करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में कल्याण शहर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व नगरसेवक वरुण पाटील सबसे आगे हैं, जिनकी घोषित संपत्ति 39.72 करोड़ रुपये है। उनके बाद भाजपा नेता श्यामल गायकर (26.74 करोड़) और शिवसेना (शिंदे गुट) के पूर्व नगरसेवक महेश पाटील (26.36 करोड़) जैसे नाम शामिल हैं।

आम आदमी भी लगा कतार में

चुनाव सिर्फ करोड़पतियों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिनकी संपत्ति 5 लाख से 60 लाख रुपये के बीच है। ये उम्मीदवार खुद को आम नागरिक का प्रतिनिधि बताकर जनता के बीच जा रहे हैं और 'कम संपत्ति, ज्यादा ईमानदारी' को अपना चुनावी हथियार बना रहे हैं।

पहली बार मैदान में उतरीं करोड़पति महिलाएं

  • इस चुनाव की एक और खास बात है महिला उम्मीदवारों की बढ़ती भूमिका, कल्याण पश्चिम से भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार की पत्नी हेमा पवार पहली बार चुनावी रण में उतरी है।
  • उनके नाम पर 15.29 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। वहीं मनसे के पूर्व नगरसेवक राजन मराठे की पत्नी ज्योति मराठे के पास 13।51 करोड़ रुपये की संपत्ति है। केडीएमसी चुनाव में राजनीतिक विरासत भी साफ झलक रही है। पूर्व नगरसेवक, पूर्व महापौर और वरिष्ठ नेताओं के बेटे-बेटियां मैदान में है।
  • दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर पिता करोड़ों की संपत्ति के मालिक है, वहीं कुछ युवा उम्मीदवारों के नाम पर महज एक लाख से कुछ लाख रुपये की संपत्ति दर्ज है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि विरासत भारी पड़ेगी या नई सोच?

ठाणे से नवभारत लाइव के लिए हरिप्रकाश तिवारी की रिपोर्ट

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