Highlights:
वोट चोरी के आरोपों और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के विरोध में महाविकास अघाड़ी और इंडिया अघाड़ी ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित गड़बड़ियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराने और वोटर लिस्ट की SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठाई गई।
Mahavikas Aghadi Protest: वोट चोरी यानी वोटिंग में धांधली और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के विरोध में महाविकास अघाड़ी और इंडिया अघाड़ी द्वारा शुक्रवार को कल्याण में जन आक्रोश मोर्चा निकाला गया कल्याण पश्चिम के साईं चौक से शुरू हुआ यह मोर्चा खड़कपाड़ा होते हुए प्रांतीय कार्यालय तक ले जाया गया। इस दौरान चुनाव आयोग और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
इस मोर्चा में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना समेत कई विपक्षी पार्टियों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इसमें कांग्रेस के ठाणे जिला अध्यक्ष चेतन सिंह पवार, कल्याण जिला अध्यक्ष नवीन सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता महेश तपासे, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के जिला प्रमुख अल्पेश भोईर, मनसे के पूर्व विधायक प्रकाश भोईर, जिला प्रमुख उल्हास भोईर और कई अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रोटेस्ट करने वालों ने मांग की कि इलेक्शन प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी रखी जाए और वोटर्स के वोटिंग राइट्स को प्रोटेक्ट किया जाए।
प्रोटेस्ट करने वालों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए और कथित साज़िश में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि वोटर लिस्ट का स्पेशल इन-डेप्थ रिव्यू (SIR) प्रोसेस कैंसिल किया जाए और आने वाले चुनाव EVM के बजाय बैलेट पेपर पर कराए जाएं। इसके अलावा यह भी मांग की गई कि ठाणे जिले के ग्रामीण इलाकों के सभी तालुका को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन पेपर लीक मामले में कमीशन के चेयरमैन इस्तीफा दें और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। विरोध मोर्चा आयोजकों ने कहा कि यह मोर्चा वोटरों के अधिकारों की सुरक्षा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और अलग-अलग जनहित के मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए निकाला गया था। अलग-अलग मांगों को लेकर इकट्ठा हुए विपक्षी पार्टियों के पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं ने इस मोर्चा में अपनी नाराजगी जाहिर की।