Kalyan Kasara Last Local Train Cancelled: मध्य रेलवे के मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर कल्याण-कसारा मार्ग पर यात्रा करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों की रात की नींद और सुकून इन दिनों 'मेगा ब्लॉक' की भेंट चढ़ चुका है। टिटवाला रेलवे स्टेशन पर चल रहे अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) सुधार और रखरखाव कार्यों के नाम पर लिए जा रहे लगातार मेगा ब्लॉक के कारण कल्याण से रात 12:01 बजे छूटने वाली आखिरी कसारा लोकल ट्रेन का परिचालन पूरी तरह से अनिश्चित हो गया है। रेलवे प्रशासन के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और ऐन मौके पर ट्रेन रद्द करने की आदत से यात्रियों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है।
मध्य रेलवे द्वारा टिटवाला स्टेशन से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। कायदे से रेलवे ब्लॉक का समय इस तरह निर्धारित करती है ताकि कम से कम अंतिम लोकल सेवाएं प्रभावित न हों, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। कल्याण से कसारा की ओर जाने वाली मध्य रात्रि 12:01 बजे की लोकल को इस रूट की अंतिम सहारा सेवा माना जाता है।
कल्याण स्टेशन से बाहर निकलते ही प्राइवेट ऑटो और काली-पीली टैक्सी चालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं। कसारा या आसनगांव तक जाने के लिए यात्रियों से मनमाना और कई गुना ज्यादा किराया (200 से 500 रुपये प्रति सीट तक) वसूला जाता है। जो यात्री इतना महंगा किराया देने में सक्षम नहीं है, उन्हें पूरी रात कल्याण स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खुले आसमान नीचे बितानी पड़ती है।
रात के इस पहर में ट्रेन रद्द होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है। रेलवे स्टेशन पर देर रात तक सुरक्षा व्यवस्था के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं होते, जिससे महिला यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
रात 12:01 की लोकल रद्द होने से कल्याण, खडावली, वासिंद, आसनगांव, आटगांव, खडी, उमरोली और कसारा जाने वाले यात्रियों के सामने पहाड़ जैसा संकट खड़ा हो जाता है।
ट्रेन रद्द होने का ऐलान अक्सर तब किया जाता है जब यात्री पहले से ही थके-हारे कल्याण प्लेटफॉर्म नंबर 4 या 7 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे होते है। आधी रात को अचानक ट्रेन रद्द होने की घोषणा सुनते ही यात्रियों के होश उड़ जाते हैं।
देर रात अपने काम-धंधे, अस्पतालों या मुंबई ठाणे से लौटकर आने वाले यात्रियों के लिए कसारा पहुंचने का यही एकमात्र जरिया बचता है। लेकिन पिछले कुछ समय से रेलवे प्रशासन द्वारा ब्लॉक के बहाने इस आखिरी ट्रेन को भी बार-बार बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक रद्द कर दिया जाता है। यात्रियों का आरोप है कि टिटवाला में मेगा ब्लॉक की जानकारी प्रशासन के पास होती है, फिर भी शेड्यूल इस तरह क्यों नहीं बनाया जाता कि
कल्याण की यह आखिरी लोकल बिना किसी बाधा के कसारा तक पहुंच सके कई बार यात्री कल्याण स्टेशन पहुंचते हैं और तब उन्हें पता चलता है कि कसारा लोकल कल्याण में ही शॉर्ट टर्मिनेट कर रद्द कर दिया गया है। मध्य रेलवे के इस उदासीन रवैये को लेकर दैनिक रेल यात्री संगठनों और स्थानीय कल्याण-कसारा पैसेंजर एसोसिएशन ने रेल प्रशासन के खिलाफ घोर नाराजगी और कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
आसनगांव के दैनिक यात्री रमेश जाधव ने कहा कि वे देर रात छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से निकलकर कल्याण पहुंचते हैं और 12:01 बजे की कसारा लोकल पकड़ते हैं। उनके अनुसार, ट्रेन रद्द होने पर आधी रात में ऑटो चालक भारी किराया मांगते हैं, जिसे मेहनत-मजदूरी करने वाले यात्रियों के लिए देना मुश्किल है।
नौकरीपेशा महिला यात्री सुनीता पाटिल ने कहा कि आधी रात को स्टेशन पर अकेले रह जाना बेहद असुरक्षित महसूस होता है। उन्होंने रेलवे से मेगा ब्लॉक के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।