Thane Ganeshotsav Ram Nath Kovind Visit: ठाणे में देशपांडे परिवार का 50 वां गणेशोत्सव इस बार खास बन गया। गणेश चतुर्थी के विशेष अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी और बेटी के साथ कॅडबरी क्षेत्र स्थित देव कॉर्पोरा पहुंचे। उन्होंने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और विधिवत धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर सांसद संजय राऊत, ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, वरिष्ठ समाजसेवी एवं व्यवसायी जितेंद्र मेहता सहित पुलिस अधिकारी, काशी के पुजारियों समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गणपति दर्शन के बाद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उपस्थित लोगों से संवाद किया और आज की 'जनरेशन Z' को लेकर उन्होंने कहा कि आज जिस पीढ़ी को Gen Z कहा जाता है, करीब 50 वर्ष पहले की युवा पीढ़ी भी ऊर्जा और नए विचारों से भरी हुई थी। समय के साथ पीढ़ियों के नाम और परिस्थितियां बदलती हैं, लेकिन युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और नेतृत्व की भावना में काफी समानता रहती है।
रामनाथ कोविंद ने इतिहास और रामायण के उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने भी अपने समय में युवावस्था की ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने माता-पिता से कहती है कि वे पुरानी पीढ़ी से हैं और युवा नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Gen Z और आंदोलनों के संदर्भ में कोविंद ने कहा कि आज के युवा अपने आसपास होने वाली घटनाओं पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए संवैधानिक और कानूनी रास्ते अपनाना जरूरी है।
उन्होंने वाहनों को जलाने, तोड़फोड़ और हिंसक आंदोलन से बचने की अपील की। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संवैधानिक मार्ग के विचार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा देश के विकास में लगानी चाहिए। उन्होंने Gen Z के काम करने के तरीके पर गर्व भी जताया।
रामनाथ कोविंद ने ठाणे से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार ठाणे शहर का दौरा किया था, तब यह आज के विशाल महानगर जैसा नहीं था, बल्कि गांव जैसा नजर आता था।
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वे बेहद सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़े। गर्मियों में उनके पैरों में चप्पल तक नहीं होती थी और धूप से बचने के लिए वे दौड़ते थे। उन्होंने छठी कक्षा से अंग्रेजी सीखने का अनुभव भी साझा किया।
पूर्व राष्ट्रपति ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने एक पुस्तक लिखी है, जिसका हिंदी,मराठी,गुजराती सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन होना है। उन्होंने कहा कि प्रकाशकों को पुस्तक प्रकाशित करने की पूरी स्वतंत्रता होगी और वे इससे कोई रॉयल्टी नहीं लेंगे। इस अवसर पर आधार जेनरिक के संस्थापक अर्जुन देशपांडे ने पूर्व राष्ट्रपति एवं उनके परिवार का स्वागत किया।
अंत में पूर्व राष्ट्रपति ने देश की प्रगति, शांति, सुख और समृद्धि के लिए भगवान गणेश से प्रार्थना की।