Thane Shiv Sena Corporator Sulekha Chavan Disqualified: महाराष्ट्र की राजनीति में पल-पल बदलते सियासी घटनाक्रमों के बीच ठाणे से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे सात समंदर पार लंदन में एक विशेष पुरस्कार समारोह में शिरकत कर रहे थे, ठीक उसी समय उनके राजनीतिक गढ़ ठाणे में उनकी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा।
ठाणे महानगर पालिका की नवनिर्वाचित शिवसेना नगरसेविका सुलेखा चव्हाण का नगरसेवक पद तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि सुलेखा चव्हाण ठाणे महापालिका चुनाव में निर्विरोध चुनकर आई थीं। एक तरफ जहां पार्टी में उनके निर्विरोध चयन को लेकर उत्साह का माहौल था, वहीं दूसरी ओर उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर छिड़े विवाद ने उनकी राजनीतिक पारी पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
सुलेखा चव्हाण की नगरसेविकी खत्म होने का मुख्य कारण उनका अनुसूचित आदिवासी प्रमाण पत्र जांच में अमान्य ठहराया जाना है। अनुसूचित जमाती प्रमाणपत्र तपासणी समिती, धुले स्थित अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जांच समिति ने इस मामले की गहन पड़ताल के बाद 16 जून 2026 को अपना आधिकारिक आदेश सुनाया था।
इस आदेश में चव्हाण द्वारा प्रस्तुत आदिवासी प्रमाण पत्र को अवैध करार दिया गया। धुले समिति के इसी फैसले के आधार पर ठाणे महापालिका प्रशासन ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि सुलेखा चव्हाण का नगरसेवक पद स्वचालित रूप से समाप्त हो गया है।
यह राजनीतिक संकट केवल सुलेखा चव्हाण के पद रद्द होने तक ही सीमित नहीं है। शिवसेना शिंदे गुट के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं, क्योंकि पार्टी के 9 अन्य नगरसेवकों पर भी नगरसेवक पद रद्द होने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इन सभी 9 नगरसेवकों के पदों पर निरस्तीकरण की तलवार लटकी हुई है।
ठाणे की राजनीति में मचे इस घमासान के पीछे शिवसेना ठाकरे गुट की आक्रामक रणनीति को प्रमुख वजह माना जा रहा है। शिवसेना ठाकरे गुट के कल्याण ग्रामीण विधानसभा उपजिला प्रमुख रोहिदास मुंडे ने इन नगरसेवकों के खिलाफ चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। मुंडे की इस शिकायत के बाद ही जांच प्रक्रिया तेज हुई और धुले समिति के आदेश के बाद ठाणे प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
ठाणे शहर को हमेशा से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का अभेद्य राजनीतिक किला माना जाता रहा है। शिंदे वर्तमान में एक पुरस्कार समारोह में भाग लेने के लिए लंडन दौरे पर हैं। ऐसे में उनकी गैर-मौजूदगी में ठाणे महानगर पालिका के भीतर हुआ यह प्रशासनिक और राजनीतिक घटनाक्रम शिवसेना के लिए एक करारा झटका साबित हो रहा है।