भिवंडी हादसे में तीन की मौत (सौजन्य-एक्स स्क्रीनग्रैब) 
ठाणे

पहली मंजिल से कूदा दीपक, पति को ढूंढ रही नेहा... अभी भी मलबे में दबी कई जिंदगियां, भिवंडी हादसे में 3 शव बरामद

Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। NDRF और SDRF की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं। मलबे के कई लोगों के दबे होने की आशंका है।

प्रिया जैस

Bhiwandi Building Collapse Inside Story: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार यानी 30 जुलाई की देर रात चार मंजिला इमारत अचानक से ढह गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है। इस बात की जानकारी एनडीआरएफ की टीम ने दी। मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और घायल लोग अपने परिवार को ढूंढने के लिए रोते-बिलखते नजर आए।

मिली जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई की देर रात इमारत थोड़ी झुक गई थी। इसे देखते ही वहां काम कर रहे कई मजदूर बाहर भागने लगे। उस समय बिल्डिंग में रिपेयरिंग का काम चल रहा था। इसी वजह से हादसे के वक्त ज्यादातर लोग बाहर थे। हालांकि, कई लोग अंदर ही मलबे में दब गए।

मलबे से जिंदा निकली एक महिला

एनडीआरएफ के जवानों ने मलबा हटाते समय तीन मजदूरों के शव बरामद किए है। इसी दौरान टीम ने मलबे में दबे एक महिला को जिंदा बाहर निकाला। उसे तुरंत नजदीक के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

पहली मंजिल से कूदा दीपक

इमारत गिरने की घटना में बचे दीपक कुमार यादव ने बताया, "पास की इमारत के खंभों की मरम्मत का काम चल रहा था। हम रात का खाना खाकर सो चुके थे, तभी हमें उस इमारत के गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। जब हम बाहर निकले, तो चारों तरफ अफरातफरी मची हुई थी। अपनी जान बचाने के लिए मैं पहली मंजिल से नीचे कूद गया।"

अपने पति की तलाश में नेहा

बिल्डिंग गिरने के बाद अपने पति की तलाश कर रही स्थानीय निवासी नेहा सिंह ने बताया, "वह यह कहकर नीचे आई थी कि बस कुछ चेक करना है। उनके नीचे आने के करीब 10 मिनट बाद ही बिल्डिंग गिर गई। यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। वहां कुछ काम चल रहा था। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं पहले नीचे नहीं आई थी। बिल्डिंग गिरने के बाद से ही मेरे पति रंजीत सिंह लापता हैं। उनके फोन पर घंटी तो जा रही है, लेकिन वे जवाब नहीं दे रहे हैं।"

इमारत के चटकने की आवाज आते ही भागी संगीता

संगीता प्रजापति ने कहा, "मैं पार्किंग एरिया में खड़ी थी, तभी मुझे इमारत के चटकने की आवाज सुनाई दी। मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन भागते समय ही इमारत गिर गई। मुझे चोटें आईं।"

भागने के लिए नहीं बचा रास्ता

अभय कुमार यादव ने बताया, "रात का खाना खाने के बाद हम अपने कमरे में थे, तभी हमें जोर की आवाज सुनाई दी। हमने तुरंत बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन निकलने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए मैं पहली मंजिल से कूद गया। मेरे पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में, कुछ लोग सीढ़ी लेकर आए और बाकी लोग उसी के जरिए नीचे उतरे। उस समय इमारत के अंदर करीब 25-30 लोग थे। एक स्थानीय लड़का सीढ़ी लेकर आया, जिससे कई लोगों को निकलने में मदद मिली। इमारत में करीब 45 कमरे हैं।"

प्रशासन का कहना है कि बिल्डिंग के अंदर कम से कम 3 से 4 मजदूरों के फंसे होने की संभावना है। मलबा बहुत ज्यादा होने के कारण बचाव कार्य धीमी गति से चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम रातभर चला। अंधेरा और मलबे की वजह से काम में दिक्कत आ रही है, लेकिन टीमें लगातार लगी हुई हैं।

भारत की पहली सॉल्ट कंटेनर ट्रेन हुई रवाना, गुजरात में 5 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित

UPI पेमेंट को लेकर नए स्लैब का ऐलान, 5000 पर 20 और 10000 पर कटेंगे 40 रुपए

86 साल बाद किशाऊ बांध परियोजना को मिली हरी झंडी, अमित शाह की मौजूदगी में 6 राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता

Uttar Pradesh Politics: मंत्री संजय निषाद ने UCC का किया समर्थन, बोले- जब वोट बराबर तो अधिकार भी एक हों

पटना में BPSC और दारोगा भर्ती रद्द करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र, भारी पुलिस बल तैनात