पालघर में भारी बारिश से तबाही: उफान पर नदियाँ और टूटे संपर्क; NDRF ने रेस्क्यू कर 244 लोगों को सुरक्षित निकाला

Palghar Heavy Rain: पालघर जिले में मूसलाधार बारिश से दहानू, तलासरी में बाढ़ के हालात। NDRF और अग्निशमन दल ने संयुक्त अभियान चलाकर 244 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
Torrential rains triggered floods in Palghar district, snapping road connectivity. NDRF and fire teams rescued 244 people from inundated areas.
पालघर में रेस्क्यू (सोर्स- AI जनरेटेड)
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Palghar Heavy Rain Flood Update: पालघर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। दहानू, तलासरी और पालघर तहसील के कई गांवों का संपर्क टूट गया। हालांकि, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, अग्निशमन दल, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं और ग्रामीणों के समन्वित प्रयासों से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। पिछले दो दिनों की भारी बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गई और अनेक गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।

हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय किया। विभिन्न विभागों की टीमें दिन-रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करती रहीं।

बचाव अभियान के लिए तैनात की गई 4 रेस्क्यू टीमें

बचाव अभियान के लिए जिले में चार रेस्क्यू टीमें तैनात की गई थीं। एनडीआरएफ की दो टीमों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए तलासरी के एस। क्रेन फैक्ट्री परिसर से 65, गुंदले गांव से 25 तथा किराट गांव से 21 लोगों के साथ दो पालतू कुत्तों को भी सुरक्षित बाहर निकाला, वसई विरार मनपा के अग्निशमन दल ने सावणे पाटीलपाड़ा, गिरगांव भुजालपाड़ा और नागझरी क्षेत्रों से कुल 124 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

वहीं, पालघर नगर परिषद के अग्निशमन विभाग ने भराड क्षेत्र से 9 लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। 23 और 24 जुलाई को चलाए गए संयुक्त बचाव अभियान के दौरान विभिन्न एजेंसियों ने कुल 244 लोगों और दो जानवरों को सुरक्षित बचाया।

नुकसान का होगा सर्वे

इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, जिला आपदा प्रबंधन कक्ष, तलाठी, ग्रामसेवक, ग्राम पंचायते, ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियां, स्वयंसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इस बीच, बाढ़ का पानी घटने के बाद प्रभावित मकानों, कृषि भूमि, पशुधन और अन्य नुकसान का सर्वे शासन के नियमानुसार किया जाएगा।

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