MIDC Project Maharashtra: ठाणे जिले के अधीन आने वाले विविध शहरों, कस्बों तथा ग्रामीण हलकों के लाखों नागरिकों की प्यास बुझाने तथा अंबरनाथ, बदलापुर, तलोजा, नवीमुंबई, डोंबिवली, ठाणे के औद्योगिक क्षेत्र की हजारों कंपनियों को जलापूर्ति करने वाले स्थानीय बारवी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पर्यटन को अब भरपूर बढ़ावा मिलने जा रहा है। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) ने बारवी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र विकसित करने का महत्वाकांक्षी निर्णय लिया है। इस परियोजना से सुरम्य बारवी क्षेत्र न केवल जल आपूर्ति केंद्र बनेगा, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी बनेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर खुलेंगे।
ठाणे जिले के अधिकांश शहरों को जल आपूर्ति करने वाला बारवी बांध कई वर्षों से पर्यटन का केंद्र रहा है। अपने रमणीय स्थान, घने जंगल और आसपास के क्षेत्र में प्राकृतिक जल प्रवाह के कारण बारवी मानसून के दिनों में पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। हालांकि वर्तमान में यहां केवल दर्शनीय स्थल ही उपलब्ध हैं। इसलिए बारवी क्षेत्र में पर्यटन सुविधाएं प्रदान करने की मांग थी।
अंबरनाथ तथा मुरबाड तहसील की सीमा पर उक्त बांध का निर्माण एमआईडीसी प्रशासन ने 1972 में बनाया था तथा बारवी बांध की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य तीन चरणों में सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है 2019 से बांध अपनी पूरी क्षमता 340.48 मिलियन घन मीटर तक भर रहा है। बांध की ऊंचाई बढ़ने के कारण परियोजना से प्रभावित कोलेवडखल, सुकावाडी, मोहोघर, तोंडली, काचकोली गांवों को सफलतापूर्वक ऊंचे स्थानों पर पुनर्स्थापित कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पुराने गांवों के नीचे खाली हुई जगह अब पर्यटन विकास के लिए उपलब्ध हो गई है।
इस क्षेत्र के विकास के लिए एमआईडीसी ने 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (ईओएल) प्रणाली के माध्यम से एक विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया प्रस्तावित की है। इसके तहत एक योजना तैयार की जाएगी, जिसमें संपूर्ण क्षेत्र की योजना, बुनियादी ढांचे का निर्माण और डिजाइन योजना शामिल होगी।
बांध के नीले पानी और आसपास की हरियाली को प्रकृति पर्यटन का केंद्र मानते हुए पर्यटन गतिविधियों को कार्यान्वित किया जाएगा। अवधारणा निर्माण से लेकर कार्यान्वयन तक सभी चरणों में कार्य किया जाएगा और पर्यटकों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पर्यटन परियोजना न केवल एमआईडीसी के राजस्व में वृद्धि करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी।
इस पर्यटन परियोजना से इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय रिसॉर्ट्स और फार्मों को ग्राहक मिलेंगे। स्थानीय लोगों को यहां काम करने का अवसर मिलेगा। जल क्रीड़ाओं और प्रबंधन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुरबाड और आसपास के क्षेत्रों में कुछ कृषि उत्पाद प्रसिद्ध हैं। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प और अन्य वस्तुओं के लिए एक बड़ा बाजार उपलब्ध होगा।
बारवी बांध के आसपास का क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से भरपूर है। यह पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। यहां असंख्य पक्षी विचरण करते हैं। बारवी के आसपास कई गांव बसे हुए हैं। मानसून के दौरान यहां करवी सहित कई प्रकार के फूल खिलते हैं। कई गांवों में कृषि के क्षेत्र में विभिन्न प्रयोग किए गए हैं। ऐतिहासिक स्मारक और स्थल यहां के पर्यटन को और भी आकर्षक बनाते हैं।
(इनपुटः कमर काजी)