Thai Magur Fish Seized In Bhiwandi: अगर आप भी मछली खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बाजार में कई बार मुनाफे के लालच में ऐसी मछलियां धड़ल्ले से बेची जाती हैं, जो हमारी सेहत के लिए किसी मीठे जहर से कम नहीं हैं। ऐसी ही एक प्रतिबंधित और जानलेवा मछली है थाई मांगुर। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांगुर मछली की खेप जब्त की है। भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका क्षेत्र में हुई इस छापेमारी ने एक बार फिर अवैध मत्स्य व्यापार की पोल खोलकर रख दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, भिवंडी के कोंडाजीवाडी इलाके में जिलास्तरीय मांगुर उन्मूलन समिति को गुप्त सूचना मिली थी कि 'इमरान फिश शॉप' पर चोरी-छिपे प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली बेची जा रही है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मत्स्य व्यवसाय विभाग (ठाणे-पालघर), भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका और शांतिनगर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने दुकान पर अचानक छापा मारा। शुरुआती जांच में दुकान के अंदर रोहू, पंगेशियस और रूपचंद जैसी आम मछलियों के बीच छिपाकर रखी गई करीब 4.5 किलो मांगुर मछली बरामद हुई।
असली खेल दुकान के बाहर चल रहा था। अधिकारियों ने जब दुकान के बाहर खड़ी महिंद्रा बोलेरो पिकअप (नंबर MH 04 HS 1266) की तलाशी ली, तो वे भी हैरान रह गए। इस गाड़ी में रखे आठ नीले ड्रमों में से तीन ड्रम पूरी तरह से प्रतिबंधित मांगुर मछलियों से भरे हुए थे। वाहन से 171 किलो मांगुर बरामद की गई। इस तरह टीम ने कुल 175 किलो थाई मांगुर मछली जब्त की।
इस जब्ती के बाद भिवंडी निजामपुर महानगरपालिका प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भिवंडी के रामनगर, चाविंद्रा स्थित ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र में सभी 175 किलो मछलियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया, ताकि यह किसी भी रूप में बाजार तक न पहुंच सके।
इस मामले में मछली विक्रेता इमरान नजीर कुरैशी के खिलाफ भिवंडी के शांतिनगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पिकअप वाहन के मालिक और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की गहन जांच कर रही है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में थाई मांगुर के खिलाफ यह कोई पहला बड़ा एक्शन नहीं है। कुछ ही दिनों पहले नागपुर जिले के सावनेर तालुका के दोहडघाट इलाके में भी मत्स्य विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर अवैध मत्स्य पालन का भंडाफोड़ किया था। वहां के तालाबों से लगभग 74 टन जिंदा थाई मांगुर मछलियां जब्त की गई थीं।
इस मामले में भी संदिग्ध बाडू शेख के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया था। मत्स्य व्यवसाय सहायक आयुक्त कार्यालय द्वारा पिछले कुछ महीनों में नागपुर और आसपास के इलाकों से 150 टन से अधिक मांगुर मछलियों का जखीरा नष्ट किया जा चुका है।
क्षेत्रीय उपायुक्त सुनील जांभुले ने बताया कि थाई मांगुर एक मांसाहारी और आक्रामक प्रजाति की मछली है। इसे पालने से स्थानीय मछलियों की प्रजातियां और प्राकृतिक जलीय इकोसिस्टम नष्ट हो जाता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह मछली बेहद दूषित पानी, सीवर के कीचड़ और सड़े-गले मांस पर जिंदा रह सकती है। दूषित पानी और निकृष्ट आहार खाने के कारण इस मछली के सेवन से इंसानों में कैंसर, त्वचा रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा रहता है।