Ambarnath Municipal Council Meeting Shivsena: गुरुवार को आयोजित अंबरनाथ नगर परिषद की आम सभा शिंदे शिवसेना तथा भाजपा के बीच भारी मतभेदों और आरोप-प्रत्यारोपों के कारण एक बार फिर से स्थगित कर दी गई।
दोनों दलों के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष इस बैठक में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। शिवसेना पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों के प्रति प्रशासन गंभीरता नहीं दिखाता है। शिवसेना के नगरसेवकों की मांग थी, ऐसा प्रशासन क्यों करता है। इसी मुद्दे को लेकर शिवसेना ने बैठक स्थगित करने की मांग की।
जबकि भाजपा ने बैठक जारी रखने पर जोर दिया। इस अभूतपूर्व हंगामे के कारण बैठक की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। केंद्र, राज्य में भले ही शिवसेना साथ साथ हैं, लेकिन अंबरनाथ नपा में इन दोनों दलों ने बीच अब लंबी खाई बन चुकी है।
बैठक की शुरुआत में शिवसेना पार्षद राजेंद्र वालेकर ने शहर में अवैध होर्डिंग और बैनरों का मुद्दा आक्रामक ढंग से उठाया। उन्होंने दावा किया कि ये अवैध होर्डिंग्स शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं और नगरपालिका को करोड़ों रुपए का वित्तीय नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने नपा अध्यक्ष तेजश्री करंजुले और मुख्य अधिकारी उमाकांत गायकवाड़ से पूछा कि इस संबंध में बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। शिवसेना ने यह भी मांग की कि भाजपा पार्षद के पति के खिलाफ दर्ज अपराध को बैठक की कार्यवाही में दर्ज किया जाए।
इस संबंध में बोलते हुए नपा अध्यक्ष (भाजपा) तेजश्री करंजुले ने स्पष्ट किया कि नगरपालिका अनधिकृत होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई अवश्य करेगी, लेकिन चूंकि संबंधित कानूनी मामले अभी विचाराधीन हैं। इसलिए इस पर आगे चर्चा करना उचित नहीं होगा। यह जवाब शिवसेना को संतुष्ट नहीं कर पाया।