सोयाबीन के दाम में करीब ₹1,500–1,600/क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
महाराष्ट्र में उत्पादन 52.2 लाख टन से घटकर 34.9 लाख टन रह सकता है।
₹7,650 के ऊपर टिकाऊ कारोबार तेजी को बढ़ा सकता है।
Soybean Market Outlook: देश के सोयाबीन बाजार में पिछले एक महीने से जारी तेजी के बाद अब भाव ऊंचे स्तरों पर सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। महाराष्ट्र के प्रमुख कीर्ति प्लांट पर सोयाबीन का भाव इस सप्ताह 60 रुपये बढ़कर 7510 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञ एवं कैट के उपाध्यक्ष सुरेशभाई ठक्कर के मुताबिक, पिछले करीब एक महीने में सोयाबीन के दाम में 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल तक की तेजी आ चुकी है। महाराष्ट्र में कमजोर फसल की आशंका के चलते भाव और बढ़ने की आशंका है।
सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश के बाद महाराष्ट्र अग्रणी है। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के अनुमान के अनुसार, खरीफ सीजन 2026 में देश का सोयाबीन उत्पादन 107.93 लाख टन रह सकता है, जबकि पिछले साल यह 110.26 लाख टन था। राज्यवार आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
मध्य प्रदेश में उत्पादन 43.2 लाख टन से बढ़कर 57.2 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि महाराष्ट्र में उत्पादन 52.2 लाख टन से घटकर 34.9 लाख टन रह सकता है। महाराष्ट्र में सूखे और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण नुकसान अधिक होने की आशंका भी जताई जा रही है। कुछ व्यापारियों का मानना है कि देश का कुल उत्पादन 85 से 90 लाख टन तक सीमित रह सकता है।
सोया डीओसी यानी सोयामील के निर्यात में भारी गिरावट बाजार के लिए चिंता का विषय है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में भारत से इसका निर्यात घटकर 17,810 टन रह गया, जबकि जून में 25,029 टन और जुलाई 2025 में 1,83,553 टन था। इस तरह सालाना आधार पर निर्यात में करीब 90.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके बावजूद घरेलू बाजार में सोयामील के भाव ऊंचे बने हुए हैं। महंगी लागत के चलते पोल्ट्री उद्योग सस्ते आयात की मांग कर रहा है। यदि सरकार आयात को लेकर कोई बड़ा फैसला करती है, तो घरेलू सोयाबीन बाजार पर इसका असर पड़ सकता है।
तकनीकी रूप से सोयाबीन के लिए 7300 से 7650 रुपये प्रति क्विंटल का दायरा महत्वपूर्ण है। नीचे 7000 रुपये मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 7650 रुपये के ऊपर टिकाऊ कारोबार होने पर तेजी को नई दिशा मिल सकती है।
सुरेशभाई ठक्कर के अनुसार, आने वाले दिनों में नई फसल की आवक, महाराष्ट्र राज्य में उत्पादन की वास्तविक स्थिति और आयात नीति बाजार की दिशा तय करेंगे। स्टॉक रखने वाले किसानों और व्यापारियों को भावों में उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतनी चाहिए। ₹7650 के पार मजबूती आने पर तेजी बढ़ने की संभावना बन सकती है।