शिवसेना और शिवसेना यूबीटी साथ (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
सोलापुर

संजय राउत की ना और सोपल की हां! सोलापुर में 'लोकल' राजनीति ने राज्य के समीकरणों को किया फेल

Shiv Sena UBT Shinde Alliance: सोलापुर के बार्शी में बड़ा राजनीतिक उलटफेर। 2026 जिला परिषद चुनाव के लिए दोनों शिवसेना और दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस भाजपा के खिलाफ एकजुट।

प्रिया जैस

Solapur ZP Election: सोलापुर जिले में होने वाले जिला परिषद चुनावों के मद्देनजर राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस चुनाव के लिए शिवसेना के दोनों गुटों ने मिलकर एक नया गठबंधन बनाया है। इसके चलते स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुट भी इस गठबंधन में शामिल हैं और भाजपा के खिलाफ एक मजबूत ताकत खड़ी करने की कोशिश की जा रही है।

इन घटनाक्रमों के चलते सोलापुर जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और मतदाताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यह महागठबंधन जिला परिषद चुनावों के लिए बारशी तालुका में विशेष रूप से दिखाई दे रहा है। शिवसेना के दोनों गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी स्थानीय स्तर पर भाजपा को सीधी चुनौती देने के लिए एकजुट हो गए हैं।

दोनों शिवसेना आई साथ

इस फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया है और राजनीतिक गलियारों में इस पर गरमागरम बहस चल रही है। इस गठबंधन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अलग-अलग भूमिकाओं के कारण कुछ समय से अलग-अलग रहीं पार्टियां अब स्थानीय चुनावों के लिए एक साथ आ रही हैं। विरोधाभासों के कारण भ्रम बढ़ गया। राज्य स्तर पर, एक ओर संजय राउत ने शिंदे गुट के साथ शिवसेना के गठबंधन को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

वहीं दूसरी ओर, सोलापुर जिले में स्थानीय स्तर पर, शिवसेना की दोनों पार्टियां एक साथ चुनाव लड़ रही हैं। इस महागठबंधन से सोलापुर जिला परिषद चुनाव और भी रंगीन होने वाले हैं। सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मतदाता किसे वोट देंगे। इससे आने वाले दिनों में माहौल गरमागरम होने की संभावना है।

दिलीप सोपाल की अपील और अभियान की तैयारियां

इस महागठबंधन के संदर्भ में, शिवसेना ठाकरे समूह के विधायक दिलीप सोपाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर कार्यकर्ताओं और नागरिकों से सभा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने संकेत लिए करेंगे, दिया है कि वे इस संयुक्त संघर्ष के जनता का समर्थन जुटाने हेतु जोरदार प्रचार उनके पोस्ट के बाद राजनीतिक गतिविधियों में और तेजी आई है और प्रचार रणनीतियों की योजना बनाई जा रही है।

इस चुनाव में महागठबंधन शिवसेना ठाकरे समूह के विधायक दिलीप सोपाल के नेतृत्व में मैदान में उतरेगा। वहीं भाजपा का नेतृत्व पूर्व विधायक राजेंद्र राऊत करेंगे। इसलिए, यह अनुमान लगाया जा रहा है मुकाबला दो बड़ी राजनीतिक ताकतों के बीच सीधा होगा। चुनाव में स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है। कि यह

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