छत्रपति संभाजीनगर. शिवसेना में वर्ष 2021 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई ऐतिहासिक बगावत के समय शिंदे और उनके साथ बगावत में शामिल शिवसेना विधायक पहले सूरत गए बाद में गुवाहाटी। उक्त घटना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और शिंदे गुट पर हमला करते हुए कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सूरत को लूटा था उसी का बदला गुजरात के मोदी ने शिवसेना को तोड़ कर लिया है। उद्धव और उनकी पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत अक्सर शिवाजी महाराज द्वारा सूरत लूटने की बात करते हैं लेकिन उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि महाराज द्वारा सूरत लूटने की बात गलत है।
संभाजीनगर के मालवण क्षेत्र में महाराज की प्रतिमा के गिरने की घटना के विरोध में महाविकास आघाड़ी के नेता रविवार को जब मुंबई में जूते मारो आंदोलन कर रहे। उसी दौरान छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में आए फडणवीस ने मविआ के आंदोलन की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमें इतिहास में पढ़ाया कि शिवाजी महाराज ने सूरत को लूटा। लेकिन महाराज ने सूरत को नहीं लूटा था। उन्होंने ने सिर्फ उचित लोगों पर हमला किया था और उनसे स्वराज्य का खजाना छीना था। लेकिन, सूरत को कभी नहीं लूटा गया। हालांकि हमें हमेशा यही इतिहास पढ़ाया गया कि मानो महाराज आम लोगों को लूटने के लिए ही सूरत गए थे। कांग्रेस ने हमें इतने सालों तक इस तरह का इतिहास पढ़ाया है, क्या आप उनसे माफी मांगने के लिए कहेंगे? साथ ही, क्या आप सिर्फ कुर्सी से ही उनकी मूर्खता स्वीकार कर लेंगे?
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फडणवीस ने शरद पवार और उद्धव ठाकरे पर भी तंज कसते हुए कहा कि क्या नेहरू ने डिस्कवरी ऑफ इंडिया में छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में जो लिखा है, उसके लिए कांग्रेस माफी मांगेंगी?" कांग्रेस ने जब मध्य प्रदेश में शिवाजी महाराज की मूर्ति को बुलडोजर से तोड़ा था तब शरद पवार और उद्धव चुप क्यों रहे? कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कर्नाटक में शिवाजी महाराज की मूर्ति को क्यों हटाया, इस बारे में वे बात क्यों नहीं करते?