Shiv Sena UBT MPs Met Lok Sabha Speaker: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ऑपरेशन टाइगर की अटकलों के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के गुट ने बुधवार को दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से गुप्त मुलाकात की। इस बैठक के बाद से ही उद्धव कैंप में हलचल तेज हो गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ हुई इस अचानक बैठक ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के सियासी पारे को गरमा दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बागी नेताओं के इस समूह ने दावा किया है कि उन्हें लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के कुल 9 सांसदों में से 6 का मजबूत समर्थन हासिल है। हालांकि, इस संवेदनशील मुलाकात में वास्तव में क्या बातचीत हुई, इस पर दोनों ही पक्षों ने अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
इधर उद्धव ठाकरे खेमे ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी। शिवसेना (यूबीटी) ने अपने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए तीन लाइन सख्त व्हिप जारी की है। इसमें सभी सांसदों को गुरुवार को होने वाली संसदीय दल की आपात बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
उद्धव ठाकरे के संकटमोचक माने जाने वाले संजय राउत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें किसी भी सांसद के सत्तारूढ़ पाले में जाने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। राउत ने साफ किया कि गुरुवार की बैठक के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। सभी को खुद मौजूद रहने को कहा गया है।
इससे पहले, पार्टी के लोकसभा सदस्य अरविंद सावंत एवं अनिल देसाई और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। बिरला से मुलाकात के बाद अनिल देसाई ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपकर किसी भी गैर-कानूनी दलबदल को रोकने का अनुरोध किया है।
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पार्टी को टूटने से बचाने और कानूनी दांवपेच के लिए आंकड़ों का खेल बेहद दिलचस्प है। नियम के मुताबिक, लोकसभा में उद्धव गुट के पास कुल 9 सांसद हैं। ऐसे में दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत अयोग्यता की कार्रवाई से बचने के लिए बागी गुट को कम से कम दो-तिहाई यानी 6 सांसदों को अपने साथ जोड़ना होगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)