लेखक प्रदीप कोकरे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
सातारा

काली कमीज पर बवाल: साहित्य अकादमी विजेता को पुलिस ने रोका, लेखक कोकरे ने लगाए गंभीर आरोप

Satara News: साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक प्रदीप कोकरे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी के कारण काली कमीज पहनने पर 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में प्रवेश से रोका गया।

आकाश मसने

Satara News In Hindi: साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक प्रदीप कोकरे ने शनिवार को दावा किया कि उन्हें 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में केवल इसलिए प्रवेश नहीं करने दिया गया क्योंकि उन्होंने काली कमीज पहन रखी थी। यह सम्मेलन पुणे से करीब 120 किलोमीटर दूर सातारा में आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया था।

सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला

कोकरे के अनुसार, कार्यक्रम स्थल के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकते हुए बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति के कारण काले रंग के कपड़े पहनने वालों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। लेखक ने कहा कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो पुलिस ने दोहराया कि यह सुरक्षा निर्देशों का हिस्सा है।

प्रकाशन स्टॉल से जुड़ा था उद्देश्य

प्रदीप कोकरे ने बताया कि वह एक प्रकाशन संस्था का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, जिसने सम्मेलन में दो स्टॉल लगाए थे। उनका उद्देश्य पाठकों से संवाद करना और साहित्यिक चर्चा में भाग लेना था। उन्होंने कहा कि एक साहित्यिक आयोजन में इस तरह का प्रतिबंध उनके लिए पूरी तरह अप्रत्याशित था।

आमंत्रण पत्र में स्पष्ट निर्देश न होने पर सवाल

लेखक ने सवाल उठाया कि यदि काले रंग को विरोध का प्रतीक माना जा रहा था, तो आयोजकों को यह बात आमंत्रण पत्र में स्पष्ट रूप से लिखनी चाहिए थी। कोकरे के अनुसार, लोगों को पहले से जानकारी न देकर कार्यक्रम स्थल पर रोकना अनुचित है।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर चिंता

कोकरे की पुस्तक ‘खोल खोल दुष्काल डोले’ को वर्ष 2025 का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है। उन्होंने कहा कि किसी साहित्यिक मंच पर कपड़ों के रंग के आधार पर लोगों का मूल्यांकन करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। यदि काले रंग को विद्रोह या विरोध से जोड़ा जाएगा, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है।

पुलिस प्रशासन का पक्ष

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार जोशी ने बताया कि पुलिस को कुछ संगठनों से सूचना और ज्ञापन मिले थे, जिनमें मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर कार्यक्रम के दौरान काली कमीज या काले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं दी गई थी।

औरंगजेब का पतन: दिल्ली का तख्त और 5 लाख की फौज... फिर क्यों महाराष्ट्र की मिट्टी बन गई मुगल सल्तनत की कब्रगाह?

दिवाली-छठ पर रेलवे का तोहफा, मुंबई-पुणे-नागपुर समेत कई शहरों के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

IndiGo से भरिए विदेश की उड़ान; 2028 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की तैयारी, CEO विली का बड़ा ऐलान

शरद पवार पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती, सीने में दर्द की शिकायत के बाद डॉक्टरों की निगरानी में

PM मोदी ने की पुणे मेट्रो की पिंक लाइन की तारीफ, जानें रूट, लागत और इसकी 3 बड़ी खूबियां