Sanjay Raut On Shiv Sena UBT Split: महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' और शिवसेना (UBT) के सांसदों में संभावित फूट की अटकलों पर सांसद संजय राउत ने दिल्ली से तीखा पलटवार किया है। उन्होंने बगावत के दावों को सिरे से खारिज करते हुए पाला बदलने की कोशिश करने वालों को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
शिवसेना (यूबीटी) में टूट को लेकर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली से निशाना साधा है। राउत ने शिवसेना (UBT) के लोकसभा समूह के नेता अरविंद सावंत, मुख्य सचेतक अनिल देसाई और नासिक के सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दिल्ली में अपने आवास पर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने पार्टी के भीतर बगावत के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। सांसदों द्वारा ली गई शपथ का हवाला देते हुए, उन्होंने पार्टी छोड़ने की कोशिश करने वालों को कड़ी चेतावनी दी।
दिल्ली में अपने आधिकारिक आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविकास अघाड़ी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सभी सांसद पूरी तरह एकजुट हैं। राउत ने कहा कि मैं पूरे यकीन के साथ कहता हूं कि हमारे सभी सांसद अभी एकजुट हैं और हमारे साथ हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से हर सांसद से बात की है।
संजय राउत ने कहा कि हमारे सभी सहयोगियों ने शिरडी के साईं बाबा, माता तुलजा भवानी और अपनी सगी मां की कमस खाई है कि वे उद्धव ठाकरे का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बागियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस पवित्र शपथ के बाद भी यदि कोई पीठ में छुरा घोंपने या गद्दारी करने की कोशिश करता है, तो महाराष्ट्र की जनता और वफादार शिवसैनिक उन्हें सड़क पर खुला घूमने नहीं देंगे।
संजय राउत ने दावा किया कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए दिए गए। पुणे और नांदेड़ चार्टर्ड प्लेन भेजे गए थे। शर्त यह थी कि 'पहले पैसे दो, तभी मैं प्लेन में बैठेंगे। हालांकि हमारे कुछ सांसद मुंबई में हैं और कुछ दिल्ली में, लेकिन वे सभी लगातार संपर्क में हैं। संजय राउत ने कहा कि मेरे पास जानकारी है कि हर सांसद को 15-15 करोड़ रुपये दिए गए, जिसके बाद वे नांदेड़ और पुणे समेत तीन जगहों से चार्टर फ़्लाइट में सवार हुए। हमने कल होने वाली संसदीय दल की बैठक के लिए व्हिप जारी किया है। अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है।
पुणे और नांदेड़ के लिए चार्टर्ड प्लेन भेजे गए थे। 15 करोड़ की रकम ली गई थी; शर्त यह थी कि प्लेन में सवार होने से पहले पैसे का भुगतान करना होगा। हमारे कुछ सांसद मुंबई में हैं और कुछ दिल्ली में, लेकिन सभी एक-दूसरे के संपर्क में हैं। 'धनुष-बाण' का चुनाव चिह्न हमारा था और अभी भी उद्धव ठाकरे का है; इसे लेकर हमारी कानूनी लड़ाई जारी है।
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संजय राउत ने कहा कि ये लोग शिवसेना (यूबीटी) के मशाल चुनाव चिह्न पर जीतकर आए हैं। मोदी या एकनाथ शिंदे के चेहरे पर चुनकर नहीं आए। उद्धव ठाकरे और बालासाहेब ठाकरे के चेहरे पर लोगों ने उनकाे वोट दिया है। अगर कोई बेईमानी करता है तो याद रखिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि मैंने संविधान की रक्षा के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। अब तक किसी भी पार्टी नेता ने हमें यह नहीं बताया है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं।
बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) में टूट की अटकलें तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 6 लोकसभा सांसद पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए सभी सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं। साथ ही एकनाथ शिंदे भी राजधानी पहुंच चुके हैं।